January 23, 2021

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अनियमित हड़तालियों का लाखों की संख्या में राजधानी में कूच, पुलिस परेशान, रोड में उमड़ा जनसैलाब, देखिये ये फोटो

रायपुर। एसजी न्यूज। 23.07.2018: छ.ग. संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ के बैनर तले अनियमित कर्मचारियों की हड़ताल का आज आठवां दिन है। महासंघ ने कल से राज्य स्तरीय हड़ताल का आह्वान किया है जिसके लिए पूरे प्रदेश से एक लाख अनियमित कर्मचारी रायपुर पहुंच चुके हैं। महासंघ द्वारा प्रदेश के 27 जिलों के प्रतिनिधित्व स्वरूप 27 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन ईदगाह भाठा स्थित धरना स्थल में किया। सभी जिलों के अध्यक्ष इस यज्ञ में सपत्नीक बैठे।

अचानक रैली की शक्ल में बूढा तालाब से निकले लाखों की संख्या में ये हड़ताली पुलिस के लिए संकट खड़ा कर दिए। इतनी बडी संख्या रैली को नियंत्रित करने पुलिस ने व्यवस्था नही बना रखी थी। मिली जानकारी के अनुसार घंटो फूल चौक और आसपास का इलाका जाम रहा है। पुलिस और हड़तालियों के बीच कई बार अप्रिय स्थिति बनती रही। भारी जनसैलाब को देख प्रशासन भी सकते में है।

महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल देवांगन ने बताया कि यह उनकी हड़ताल का निर्णायक दौर है और अब आर या पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रदेश की भाजपा सरकार कर्मचारी हितैषी नहीं है और इस सरकार से हर वर्ग नाराज़ है, इस नाराज़गी का खामियाजा आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1 लाख 80 हजार अनियमित कर्मचारी हैं, यदि प्रत्येक के परिवार में कुल 5 लोग भी गिने जाएं तो 9 लाख वोटर होते हैं जोकि चुनाव को प्रभावित करने में पूर्णतः सक्षम हैं । अनिल देवांगन ने प्रश्न उठाया कि ऐसे तो प्रदेश की संपन्नता का बड़ा ढिंढोरा पीटा जाता है, लेकिन इस तरह के जनसामान्य से जुड़े मुद्दों पर सारी संपन्नता धरी रह जाती है तथा प्रदेश बीमारू कहे जाने वाले राज्यों से बहुत पीछे नज़र आता है। यहां की भाजपा सरकार केवल अपनी जेबें भरने में लगी हुई है, ऐसे ऐसे नेता जिन्हें स्कूटर से चलते प्रदेश के लोगों ने देखा है, वे आज अरबपति बन कर बैठे हुए हैं, जनता चुनाव में इसका जवाब देगी ।

बता दें कि महासंघ द्वारा आज मौन रैली का आयोजन किया गया था, लेकिन भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन द्वारा उन्हें अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके बाद आक्रोशित संघ ने अचानक बिना अनुमति के रैली निकलने का निर्णय ले लिया और पुलिस के लिए स्थिति नियंत्रण में करना मुश्किल हो गया है।

अनियमित कर्मचारियों की क्या है मांगे?

छग संयुक्त प्रगतिशील के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल देवांगन ने बताया कि संघ सेवावृद्धि एवं सेवा से पृथक करने का भय समाप्त करने, वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने, विगत कुछ वर्षों में सेवा से पृथक किए गए कर्मचारियों को सेवा में बहाल करने, शासकीय, अर्धशासकीय कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी, अधिकारियों को नियमित करने, आउट सोर्सिंग, ठेका प्रथा पूर्ण रूप से बंद कर शासकीय सेवक का दर्जा देने की मांग प्रमुख है।

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