April 16, 2021

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अम्बेडकर जयंती पर 14 अप्रैल से छत्तीसगढ़ के 20 हजार गांवों में शुरू होगा ग्रामसभाओं का सिलसिला

रायपुर (सुयश ग्राम) इस महीने की 14 तारीख से छत्तीसगढ़ की 10 हजार 971 ग्राम पंचायतों के लगभग 20 हजार गांवों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। राज्य सरकार के पंचायत संचालनालय ने यह घोषणा की है। नया रायपुर स्थित इंद्रावती भवन से पंचायत संचालनालय ने इस सिलसिले में प्रदेश के सभी 27 जिला कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर दिया है।
पंचायतों के काम-काज में आम जनता की सक्रिय भागीदारी की दृष्टि से ग्रामसभाओं की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जहां ग्राम पंचायतों के काम-काज का हिसाब जनता के सामने रखा जाता है, वहीं ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी जाती है। साथ ही गांवों के विकास के लिए भावी कार्य-योजना का प्रारूप भी ग्राम सभा में जनता से प्राप्त सुझावों के अनुसार तैयार किया जाता है।
पंचायत संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि संचालनालय द्वारा जिला कलेक्टरों को जारी परिपत्र में 14 अप्रैल से ग्राम सभाओं के आयोजन के लिए बिन्दुवार दिशा-निर्देश दिए गए हैं। परिपत्र के अनुसार ग्रामसभा का सम्मिलन ग्राम पंचायत के प्रत्येक गांव में आयोजित किया जाए। अगर किसी ग्राम पंचायत में एक से ज्यादा गांव हो तो ऐसी स्थिति में अलग-अलग गांवों के लिए अलग-अलग तारीखों में ग्रामसभा आयोजित की जाए। परिपत्र में यह भी कहा गया है कि ग्रामसभाओं की बैठकों के लिए प्रत्येक जनपद पंचायत के स्तर पर एक समय सारिणी तैयार कर ली जाए, जिसके अनुसार किसी एक तिथि में किसी एक ग्राम पंचायत के एक ही गांव में ग्रामसभा की बैठक हो सकेगी। इससे सरपंच और ग्राम पंचायत के सचिव, उस ग्राम सभा की बैठक में आसानी से उपलब्ध रह सके।
परिपत्र में जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि ग्राम सभा आयोजन के लिए स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशेष जिम्मेदारी दी जाए। परिपत्र में 14 अप्रैल की ग्रामसभाओं के लिए विचारणीय विषयों की कार्य-सूची भी जारी कर दी गई है। इसमें कहा गया है कि 14 तारीख की ग्रामसभा में पूर्व बैठक में पारित संकल्पों का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा, पंचायतों की विगत तिमाही अर्थात् जनवरी 2018 से मार्च 2018 तक के आय-व्यय की समीक्षा होगी और विगत वित्तीय वर्ष 2017-18 में ग्राम पंचायत में विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत कार्याें के नाम, प्राप्त राशि, स्वीकृत राशि और व्यय तथा कार्याें की ताजा स्थिति के बारे में भी ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा स्वच्छता कार्यक्रमों के तहत घरों में निर्मित और निर्माणाधीन शौचालयों की प्रगति, ग्राम पंचायत पदाधिकारियों और स्थानीय शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों के निवास परिसर में जलवाहित शौचालय होने और उसके उपयोग के संबंध में भी समीक्षा की जाएगी। ग्रामसभा में जनता के बीच महात्मा गांधी (नरेगा) से संबंधित कार्याें और उनमें रोजगार की मांग तथा उपलब्धता पर भी चर्चा होगी।
अधिकारियों ने बताया कि परिपत्र में सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत पेंशन योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण और इन योजनाओं के हितग्राहियों के सत्यापन की कार्रवाई भी ग्रामसभाओं में करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वामी आत्मानंद वाचनालय की पुस्तकें ग्रामीणों को उपलब्ध कराने के बारे में भी ग्रामसभा में चर्चा होगी। इसके अलावा आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के लिए पोषण आहार वितरण, कुपोषण की स्थिति, टीकाकरण और अंधत्व निवारण सहित बच्चों की देखभाल और उनके संरक्षण के लिए प्रचलित नियमों और अधिकारों विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। फाइलेरिया, डेंगू आदि बीमारियों तथा ग्रीष्मकालीन बीमारियों से बचाव के उपायों के बारे में भी बताया जाएगा।
परिपत्र के अनुसार कृषि विभाग के मैदानी अधिकारी और कर्मचारी ग्रामसभाओं में ग्रामीणों से चर्चा करके खेतों में फसल अवशिष्टों को नहीं जलाने की सलाह देंगे। निस्तार सुविधा और पेयजल की समुचित व्यवस्था, ग्राम पंचायतों द्वारा करारोपण, लगाये गये करों की वसूली की स्थिति, लघु वनोपज संग्रहण और उनसे प्राप्त राजस्व, गौण खनिजों की रायल्टी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन दुकानों के काम-काज, जरूरतमंद व्यक्तियों को ग्राम पंचायतों द्वारा आवंटित अनाज और उससे लाभान्वितों की संख्या, राजस्व विभाग से संबंधित अविवादित नामांतरण के मामलों की ताजा स्थिति, जन-मृत्यु और विवाह पंजीयन जैसे विषयों पर भी ग्रामसभाओं में चर्चा की जाएगी।

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