April 16, 2021

Suyashgram.com

मासिक पत्रिका एवं वेब न्यूज़ पोर्टल

आरटीआई में एक सवाल पूछना हो गयी आफत, जवाब मिले 1170 अभी भी जबावों का शिलशिला है जारी

भोपाल (सुयश ग्राम) सरकारी कर्मचारियों का काम करने का तरीका कभी कभी बाद चौकाने वाला होता है। जैसे आपने सुना होगा कि बार झोपड़ी में लाखों के बिजली बिल आ जायेगा। इसी क्रम में नया मामला आरटीआई को लेकर चौकाने वाला आया है। दरअसल प्रदेश के नीमच जिले के निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौर के लिए उनका ही एक पूछा हुआ सवाल परेशानी का सबब बन गया है। उन्होंने आरटीआई दाखिल कर देश भर के कुल टैक्स बकायेदारों का हिसाब मांगा, जिसके बदले में उन्हें अब तक 1170 जवाब मिल चुके हैं। यह सिलसिला अभी भी थमा नहीं है बल्कि रोजाना देश भर से उन्हें आरटीआई लेटर मिलते रहते हैं। हालांकि अभी तक चंद्रशेखर को अपने सवाल का पूरी तरह जवाब नहीं मिल पाया है।

इसी साल 25 फरवरी महीने में चंद्रशेखर ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) में आरटीआई दायर कर देश भर के कुल टैक्स बकायेदारों की संगठित सूचना मांगी। उन्होंने अपने क्वेरी में विशेष तौर पर लिखा, ‘यह ऑनलाइन रिक्वेस्ट है, इसलिए मैं आपसे निवेदन करता हूं कि मेरे सवाल का जवाब आप मेरी ईमेल ऐड्रेस पर दीजिए और डिजिटल कम्युनिकेशन को समर्थन दीजिए।’

लेकिन एक साथ सूचना उपलब्ध कराए जाने के बजाय, सीबीडीटी ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में यह याचिका भेज दी। उन्होंने अपने वार्ड लेवल के कार्यालयों में भेजी और अब सभी व्यक्तिगत रूप से चंद्रशेखर को जवाब भेज रहे हैं। चंद्रशेखर ने बताया कि उन्हें एक दिन में करीब 50 लेटर मिलते हैं। सबसे ज्यादा एक दिन में 90 जवाबों का रेकॉर्ड है।

चंद्रशेखर को 1148 जवाब मिले थे। इसके बाद सोमवार को उनके पास 22 जवाब और आए जिसके आधार पर अब तक उनके पास 1170 जवाब है और यह अभी भी जारी है। चंद्रशेखर बताते हैं, ‘लेकिन अभी तक मुझे मेरा जवाब नहीं मिला।’ चंद्रशेखर ने कहा कि आईटी विभाग ने उन्हें पत्र भेजने के लिए 50 हजार से ज्यादा रुपये खर्च किए होंगे। यह जनता के पैसे की बर्बादी है।

उन्होंने कहा,’जब मैंने ऑनलाइन सवाल करके जवाब मांगा तो इतने सारे लेटर भेजने का कोई तुक नहीं बनता। मैंने एक साथ पूरा डेटा मांगा था न कि वार्ड और सर्कल लेवल का डाटा।’ उन्होंने कहा कि उन्हें देश भर से पत्र भेजे जा रहे हैं।

Spread the love