February 25, 2021

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आश्चर्य ऐसा क्यों?? बेहद समृद्ध और खूबसूरत मुल्क में अचानक बढ़ी ‘डेथ विश’, 10 हजार लोगों ने की मौत की मांग

यूरोप के इस खूबसूरत मुल्क में बढ़ी ‘डेथ विश’, 10 हजार लोगों ने की मौत की मांग एकाएक मौत मांगने वालों को देखते हुए सरकार ने एक कमीशन बनाई है
क्या वजह है कि नीदरलैंड जैसे बेहद समृद्ध देश में लोगों के भीतर मरने की इच्छा बढ़ती जा रही है?

विशेष: सिस्टम से तंग आए लोग इच्छा मृत्यु की मांग करते सुनाई पड़ते हैं. इनकी संख्या इक्का-दुक्का ही होती है, लेकिन हाल ही में नीदरलैंड में एक चौंकाने वाले मामले में 10 हजार से भी ज्यादा लोगों ने सरकार से इच्छा मृत्यु की मांग की. संसद में इस मांग के बारे में बताते हुए देश की स्वास्थ्य मंत्री और क्रिश्चियन डेमोक्रेट MP Hugo de Jonge ने कहा कि ये लोग 55 पार हैं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं. इच्छा मृत्यु मांगने के पीछे एक बड़ी वजह अकेलापन भी है.

मरने की गुहार लगाने वाले इन लोगों की संख्या असल में 10,156 हजार है. इतनी बड़ी संख्या में एकाएक मौत मांगने वालों को देखते हुए इसपर सरकार ने एक कमीशन बनाई, इसमें पाया गया कि मरने की इच्छा रखने वालों की ये विश काफी गंभीर है और वे हर हाल में ये करना चाहते हैं. संसद में ये मुद्दा उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डेथ विश एक सामाजिक मुद्दा है और सबको मिलकर उन लोगों को दोबारा जिंदगी में लौटाने की कोशिश करनी चाहिए.

नीदरलैंड में यूथेनेशिया (इक्षा मृत्यु) के लिए अर्जी देने वाले की उम्र 16 साल या इससे ज्यादा होनी चाहिए. ये साबित होना चाहिए कि शख्स ने सोच-समझकर मारे जाने की मांग की है. वो किसी ऐसी बीमारी या तकलीफ का शिकार होना चाहिए, जिसका कोई इलाज न हो और जो सहा न जा सके.

विश्व खुशहाली रिपोर्ट में नीदरलैंड पांचवे स्थान पर
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र की विश्व खुशहाली रिपोर्ट में नीदरलैंड पांचवे स्थान पर रहा. ये संयुक्त राष्ट्र की सातवीं सालाना रिपोर्ट है जो लगभग 155 देशों को कई पैमानों के आधार पर रैंक करती है, जैसे उस देश के नागरिक खुद को कितना खुश महसूस करते हैं या फिर उनमें डिप्रेशन जैसी नकारात्मक भावनाओं की दर कितनी है. रिपोर्ट में पांचवे नंबर पर होने के बावजूद देश की एक खास उम्र की आबादी का इतने डिप्रेशन में होना चौंकाता है.

भारत में भी बढ़ रहा अकेलापन
आज के परिवेश में भारत में भी अकेलापन परिवारों में पढ़ रहा है रोजगार की तलाश में एक शाहर से दूसरे शहर बच्चे बहुच रहे अधिक उम्र वाले घर में अकेले रह रहे हैं.

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