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एक्सीक्लूसिव: देश की सबसे महंगी परीक्षाओं में से एक परीक्षा छत्तीसगढ़ का चिकित्सा शिक्षा विभाग करने जा रहा है आयोजित… फीस सुनकर आप भी चकरा जाएंगे… इतनी महंगी परीक्षा देने वाले क्यों है परेशान?

संदीप तिवारी, रायपुर 17 दिसंबर 2019, आपने और आपके बच्चों ने परीक्षाएं तो बहुत दी होगी लेकिन इतनी महंगी फीस वाली परीक्षा संभवतः ही दिए होंगे।देश में शायद चुनिंदा एक ही दो एग्जाम होंगे जिनकी केवल परीक्षा फीस ही ₹10000 (दस हजार रूपये) या इससे ज्यादा हो. अगर आपने नहीं दी है और नहीं सुनी है तो सुन भी लीजिए और पढ़ भी लीजिए।

छत्तीसगढ़ का चिकित्सा शिक्षा विभाग डॉक्टरों के लिए प्री-कनसेप्शन एंड प्रीनेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक परीक्षा-2019 आयोजित करने जा रहा है जिसकी परीक्षा फीस ही ₹10000 रखी गई है. वह भी नान रिफंडेबल है. अगर आप का फार्म गलत हो जाए या फिर परीक्षा कैंसिल हो जाए या और किसी कारण से आप परीक्षा नहीं दे पाए तो यह ₹10000 वापस नहीं होंगे।

देश में पहली बार हो रही परीक्षा! डॉक्टर परेशान है आखिर ऐसा क्यों?
डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की परीक्षा देश में पहली बार छत्तीसगढ़ में आयोजित की जा रही है. इतनी महंगी परीक्षा फीस भरकर परीक्षा देने को तैयार डॉक्टर फिर भी परेशान है आखिर ऐसा क्यों?

दरअसल संचनालय चिकित्सा शिक्षा विभाग के विज्ञापन में भारत सरकार के अधिसूचना दिनांक 9 जनवरी 2014 गर्भधारण एवं पूर्व प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन) प्रतिषेध संशोधन नियम- 2014 के तहत राज्य में रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर जिनके पास इमेजिंन टेक्नोलॉजी में एमडी या डिप्लोमा की डिग्री नहीं है, और उनके द्वारा सोनोग्राफी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है उन्हें एक competency based परीक्षा देना होगा। जिसके लिए संचनालय चिकित्सा विभाग ने विज्ञापन जारी कर 20 दिसंबर 2019 तक आवेदन आमंत्रित किए हैं. इसमें वह डॉक्टर सम्मिलित हो सकते हैं जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से 6 माह का ट्रेनिंग सर्टिफिकेट अथवा 1 वर्ष या उससे अधिक का पीसी एंड पीएनडीटी के तहत राज्य में पंजीकृत इमेजिंन सेंटर का संचालन अनुभव हो. इसमें वह भी डॉक्टर सम्मिलित हो सकते हैं जो राज्य के विभिन्न जिलों में प्रैक्टिस कर रहे हो या जिला के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटर में कार्यरत हों.

विज्ञापन में एकमात्र फोन नंबर जीरो 0771-2972997 दिया हुआ है. लेकिन इसमें फोन करने पर डॉक्टरों के अनुसार कोई सहायता नहीं मिलती है. ऑनलाइन आवेदन में कई खामियां हैं और उनके बारे में अगर जानकारी चाहिए तो कौन जानकारी देगा इसके लिए कोई पता नहीं है. आखिर विभाग ने इतनी माह की परीक्षा आयोजित करने के बाद कोई हेल्पलाइन नंबर या अन्य सुविधा क्यों नहीं उपलब्ध कराई?

सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि डॉक्टरों को आवेदन फॉर्म में 2017 से पहले जिन्होंने ट्रेनिंग किया है या अनुभव है वही फॉर्म भर पाएंगे। जबकि विज्ञापन में कार्यरत डॉक्टरों को भी परीक्षा फॉर्म में भरने की अनुमति दी गई है. अब बड़े संशय की स्थिति है कि जिन्होंने 2017 के बाद कोई एग्जाम पास किया है और रजिस्टर्ड हैं तो वह कैसे एग्जाम दे सकेंगे। इस बात का समाधान किसी फोन नंबर या मेल पर उपलब्ध नहीं है आखिर ₹10000 देकर फॉर्म भरने के बाद अगर फॉर्म गलत हो जाता है और यह 10000 जो रिफंड नहीं होगा तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।

ठीक से फॉर्म पढ़ेंगे तो कोई परेशानी नहीं होगी।

एस जी न्यूज़ से चर्चा में डॉ एसएल आदिले, संचालक चिकित्सा शिक्षा ने कहा इसकी फीस सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित है इसमें दस हजार रुपये परीक्षा और बीस हजार रूपये टूशन फीस है. फ़ोन उठाने वालों को सभी जानकारी दी गयी है फिर भी मै दिखवाता हूँ. अगर ठीक से फॉर्म पढ़ेंगे तो कोई परेशानी नहीं होगी।

डॉ एस एल आदिले, डायरेक्टर चिकित्सा शिक्षा
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