January 19, 2021

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कवरेज करने गई महिला पत्रकार व कैमरा मेन से पुलिस ने की बदसलूकी, बिना जांच कर दिया एफआईआर दर्ज, विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार संगठन आये आगे

रायपुर/बिलासपुर। एसजी न्यूज। छत्तीसगढ़ राज्य में पुलिस द्वारा एक और पत्रकार से बदसलूकी का मामला सामने आया है। पुलिस परिवार के आंदोलन की कवरेज कर रहे महिला पत्रकार और कैमरा मेन के साथ पुलिस ने न सिर्फ दुर्व्यवहार की बल्कि, हाथ पकड़ कर मरोड़ा भी गया। बस इतना ही नहीं बल्कि उनके खिलाफ ही शासकीय कार्य में बाधा
पहुंचाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर भी दर्ज कर लिया गया है।

बिलासपुर महिला थाने में पत्रकार के साथ यह बदसलूकी तब हुई, जब पुलिस आंदोलन को कुचलने बर्खास्त
आरक्षक राकेश यादव की पत्नी नर्स कनक लता यादव को बिलासपुर की महिला थाने बैठाये रखा गया था। कनक
लता की सहयोगी महिला कर्मी उन्हे छुडवाने थाने पहुंचे थे। इसकी जानकारी मिलने पर एक टीवी रिपोर्टर श्रेया पांडे और कैमरा मेन कैलाश यादव थाने पहुंचे और अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर रहे थे, कि तभी पुलिस की एक महिला कर्मी ने दुर्व्यवहार करते हुए महिला पत्रकार का हाथ पकड़ कर
मरोड़ दिया और फिर उसे धमकाते हुए कहा कि यह थाना है तुम्हारे बाप का घर नहीं है। इतना ही नहीं कैमरा मेन कैलाश यादव को थाने परिसर पकडकर दरवाजा बंद कर दिया गया। बाद में किसी तरह मामला शांत हुआ।

लेकिन बाद में महिला थाना में पदस्थ सहायक निरीक्षक ममता ने श्रेया पाडेंय एवं कैलाश यादव द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए अपराध दर्ज करवा दी है। सहायक निरीक्षक ममता ने रिपोर्ट में कहा है कि रात्रि साढे 10 बजे श्रेया पाडेंय एवं कैलाश यादव साथ आए जो अपने को मिडिया वाला कहते देर रात्रि में थाने का फोटो खीचनें लगे तथा अवैधानिक जानकारिया मांगने लगे। देर रात्रि में महिला थाना में आकर फोटो खीचने से मना करने पर काफी आक्रोशित होकर उन्होने तुम्हें देख लेगे कहते काफी तेज आवाज में चिल्लाने लगे मना करने पर श्रेया पाडेंय द्धारा मेरे
बाये हाथ को पकड कर मरोड दी जिससे मेरे बायें हाथ में चोंट आई है। बहरहाल मामले की जांच की जा रही है।

पत्रकार संगठन और मीडिया कर्मी में आक्रोश

कवरेज के दौरान मीडिया कर्मी पर एफआईआर दर्ज कर देने से मीडिया कर्मी और पत्रकार संगठन आक्रोशित है। प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा को लेकर एक कमेटी मुख्यमंत्री द्वारा गठित की गई है जिसमे पत्रकार के ऊपर कोई भी एफ आई आर करने से पहले आईजी स्तर के अधिकारी की जांच जरुरी है। लेकिन प्रदेश में इस कमेटी का कोई महत्व नही राह गया है। जिसका जब मन होता है पत्रकारों के ऊपर एफआईआर बिना जांच के कर देता है। राष्टीय पत्रकार सुरक्षा समिति ने कहा है कि हमे पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता है। ऐसा होता रहा तो हमे उग्र आंदोलन करना पड़ेगा।

सामाजिक कार्यकर्ता भी उतरे विरोध में

राजधानी रायपुर में भी पुलिस की इस कार्यवाही का सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध किया सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा चौथे स्तंभ पत्रकारों पर पुलिस बर्बरता एवं षडयंत्र कर झूठे प्रकरण दर्ज किए जाने के खिलाफ राज्यपाल महोदय को ज्ञापन सौपा है।
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बिलासपुर की महिला पत्रकार और उनके साथी के साथ,थाने में रिपोर्टिंग करने गयी पत्रकार के साथ झूमाझटकी की गई और दोनों पत्रकारों पर ही पुलिस ने जुर्म(शासकीय कार्य मे बाधा का प्रकरण) दर्ज कर दिया। हम सभी सामाजिक कार्यकर्ता पत्रकारों के साथ खड़े हैं और पुलिस के इस आतंक और गुंडागर्दी के ख़िलाफ़ राज्यपाल महोदय को ज्ञापन सौपा जिसमें मुख्य रूप से ममता शर्मा, कुणाल शुक्ला,राकेश चौबे,उचित शर्मा,सौरभ निर्माणी,अनिल अग्रवाल,अभिषेक प्रताप सिंह,नागेंद्र दुबे,पंकज दास व अन्य साथी उपस्थित रहेंगे।

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