May 10, 2021

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गौरव का प्रतीक पत्थरगढ़ी का राष्ट्रविरोधियों ने स्वरूप बदल दिया: बृजमोहन अग्रवल

रायपुर (सुयश ग्राम) भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश के कृषि सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने चर्चित पत्थरगढ़ी आंदोलन पर अपनी बात रखते हुए वर्तमान में किये जा रहे पत्थरगढ़ी को राष्ट्रविरोधी कृत्य करार दिया है। प्रदेश के आदिवासी समाज से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रद्रोहियों को पहचाने और उनसे दूर रहे। जिन्हें आदिवासी समाज का विकास चुभ रहा है, ऐसे लोग सीधे साधे आदिवासियों को बरगला रहे है। वे पत्थरगढ़ी की पुरातन गौरवशाली परंपराओं के विपरीत कार्य करने के लिये उन्हें बाध्य कर रहे है। बृजमोहन ने कहा कि पत्थरगढ़ी में गाँव-समाज की गौरवगाथा को दुनियां जान सकती थी। पर आज जारी पत्थरगढ़ी में उन्हें मातृभूमि के प्रति उनके हक से जुदा करने का प्रयास किया जा रहा है।
बृजमोहन ने कहा कि आज पूरे देश में पत्थरगढ़ी आंदोलन की चर्चा हो रही है। इसलिए पत्थरगढ़ी को समझना सभी के लिये आवश्यक है। यह हमारे देश में वनवासी समाज में पुरानी परंपरा रही है। जिसमे वनवासी अपनी गौरवगाथा को गांव की सीमा पर पत्थर गड़ाकर उस पर लिखते थे कि उस गांव के किन-किन लोगों ने अंग्रेजो के खिलाफ लड़ाई लड़ी, मुगलों के खिलाफ संघर्ष किया, उस गांव में कौन महापुरुष हुए हैं, उस गांव की क्या विशेषता है आदि । इसके पीछे मकसद था कि बाहर से इस गांव में आने वाले व्यक्ति को उस गांव के बारे सारी जानकारी मिल जाये। परंतु आज पत्थरगढ़ी को गलत रूप में प्रस्तुत करने का कुत्सित प्रयास हो रहा है। पूरे गांव मे पत्थर का घेरा बनाकर कुछ लोगों का यह कहना कि पुलिस को घुसने नहीं देंगे,किसी सरकारी अधिकारियों को नहीं घुसने देंगे, गांव के लोग आधार कार्ड नहीं बनाएंगे, गांव में घुसने के लिए लोगों को परमिशन लेना पड़ेगा, राशन कार्ड,स्मार्ट कार्ड नहीं बनाएंगे यह अनुचित है। जो पुलिस जो प्रशासन उनकी सुरक्षा करता है, उनके विकास का जिम्मा उठाता है, उनको ना घुसने देना यह पत्थरगढ़ी का असली स्वरूप नहीं है। आज हम देखे आदिवासी समाज में शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद बिरसा मुंडा, शहीद गुंडाधुर, शहीद अजमेर सिंह जैसे महापुरुषों का गौरवशाली इतिहास है। जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। एक ये थे जिन्होंने पूरे देश को जोड़ने के लिए अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और आज कुछ ऐसे लोग है जो देश के विभाजनकारी नीति पर चलने की कोशिश कर रहे है। ये नक्सलवादी तथा धर्मांतरण कराने वाले लोग । ये राष्ट्र विरोधी हैं। ऐसे तत्व हमारे वनवासी भाइयों को गुमराह करके उन्हें देश की मुख्यधारा से हटाने की कोशिश कर रहे।
उन्होंने कहा कि कुमार दिलीप सिंह जूदेव थे जिन्होंने वनवासियों के विकास के लिए पूरी शिद्दत के साथ काम किया। वनवासियों के चरण धोकर पुजन किया और धर्मांतरण को रोकने का कार्य किया। उनके चले जाने के बाद जो नक्सलवादी तथा धर्मांतरण कराने वाले लोग इस पत्थरगढ़ी के मध्यम से अपना स्वार्थ सिद्ध कर रहे है।
बृजमोहन ने आदिवासी समाज से आह्वान करते हुए कहा कि जो लोग आप को गुमराह कर रहे है उन्हें पहचाने और समझे की वे आपके हितैषी नही है। आज ये नक्सलवादी आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल,अस्पताल के भवनों को, सड़कों को बम से उड़ा देते है। गरीबों का राशन को लूट लेते हैं। आज यही लोग पत्थरगढ़ी को बदनाम कर रहे है।

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