January 16, 2021

Suyashgram.com

मासिक पत्रिका एवं वेब न्यूज़ पोर्टल

छत्तीसगढ़ में 34 हाथी मरे बिजली करेंट से, हाथियों को बिजली करेंट से बचाने नीतिन सिंघवी पहुचे हाइकोर्ट, कोर्ट ने जारी की नोटिस

रायपुर। एसजी न्यूज। छत्तीसगढ़ में बिजली करेंट से हाथियों के मरने के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश अजय कुमार त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति प्रितिंकर दिवाकर की युगल पीठ ने जनहित याचिका स्वीकार करते हुए सचिव वन विभागए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) मैनेजिंग डायरेक्टरए छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी, तथा डायेक्टर प्रोजेक्ट ऐलीफेन्ट पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ट्रांसमिशन कंपनी तथा विद्युत विभाग को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब देने को कहा है।

रायपुर निवासी नितिन सिंघवी द्वारा दायर जनहित याचिका (05/2018) याचिका में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 2005 से मार्च 2017 तक 103 हाथियों की मौतें हुई जिसमें से 34 मौते बिजली करेंट से हुई है। इन 34 मौतों में कुछ मौते हाथियों के क्षेत्र में विद्युत लाइन अत्यंत नीचे होने के कारण व कुछ मौतें ग्रामीणों द्वारा तारों में विद्युत प्रवाह करने के कारण हुई है। धरमजयगढ़ वन मंडल के नारंगी वन क्षेत्र में अत्यंत नीचे होकर गुजर रही 11000 वोल्टेज हाईटेंशन लाईन को ठीक करने के लिये वन विभाग 2012 से छण्गण् राज्य विद्युत वितरण कंपनी को पत्र लिख रहा है, वहां पर पानी पीने के लिये तालाब की मेड़ पर चढ़ रहे हाथी के सिर का हाईटेंशन लाइन छू जाने से मौत हो गई थी। वन विभाग 2012 से लगातार सरगुजा क्षेत्र में विद्युत लाइनांे को ऊंचा करने और केबलिंग की मांग कर रहा है। 23 जनवरी 2015 को राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में भी हाथियों की करेंट से मौतों पर चर्चा हो चुकी है।

याचिका में मांग की गई है कि हाथियों को बिजली करेंट से बचाने के लिये हाथी रहवासी वनों में विद्युत लाइनों को हाथी क्षेत्रों के लिये निर्धारित मानक दूरी तक ऊंचा करने हेतु निर्देशित किया जावें ताकि हाथियों द्वारा सूड़ उठाने पर भी विद्युत लाईन से न टकरा पाये ना ही ग्रामीणों द्वारा तार बिछाकर विद्युत प्रवाह करने से हाथियों की मौतें हो सकें।

Spread the love

You may have missed