January 23, 2021

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तेजी से बढ़ती आबादी है मानवता के लिए गंभीर खतरा -उमेश कुमार उपाध्याय, बच्चों को जटिल कानूनी प्रावधानों के बारे में दिया ज्ञान

रायपुर(एसजी न्यूज़) प्रत्येक 25 वर्ष में धरती की जनसंख्या अपनी जनसंख्या से लगभग दुगुनी हो जाती है। आज जितनी जनसंख्या इस धरती पर है अगले 25 वर्षो में यानि वर्ष 2043 तक इस जनसंख्या की दुगुनी जनसंख्या धरती पर होगी और हमारे लिए यह गंभीर चिंता का विषय इसलिए है क्योंकि धरती का क्षेत्रफल और सभी आवश्यक संसाधन सीमित है। और यदि लगातार जनसंख्या इसी तरह से बढती रही तो इन संसाधनों का उपयोग करने के लिए मानव, मानव का दुश्मन बन जाएगा और एक दुसरे के साथ मारकाट करके संसाधनों का उपयोग कर स्वयं जीवित रहने का प्रयास करेगा इसीलिए आज से ही जनसंख्या नियंत्रण के लिए गंभीरता पूर्वक कार्य करने होंगे। उक्त बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर के सचिव श्री उमेश कुमार उपाध्याय ने विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर ग्राम मांढर और सिलतरा में आयोजित किये गये विशेष साक्षरता शिविर के दौरान कही। विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य में ग्राम मांढर और सिलतरा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के सचिव श्री उमेश उपाध्याय, ने दोनों ही स्थानों पर आयोजित शिविर में छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि, जब वर्ष 1987 में संपूर्ण विश्व की जनसंख्या लगभग पांच अरब हो गयी थी, तब संपूर्ण विश्व ने इस पर गंभीर विचार विमर्श किया और उसके बाद 11 जुलाई 1989 को पहली बार विश्व जनंसख्या दिवस मनाया गया और तब से प्रतिवर्ष पूरी दुनिया 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में मना रही है । विभिन्न देशों द्वारा जनसंख्या को नियंत्रित करने हेतु गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा देश भारत दुनिया का दूसरा सर्वाधिक आबादी वाला देश है। वर्तमान में मात्र चीन की जनसंख्या भारत से अधिक है, और यदि जनसंख्या नियंत्रण पर और प्रभावी कदम नहीं उठाये गये तो अगले कुछ वर्षों में भारत दुनिया में सर्वाधिक आबादी वाला देश बन जाएगा, जो एक गंभीर स्थिति होगी।
श्री उपाध्याय ने अपने उद्बोधन में कहा कि, बढ़ती आबादी मानवता के सामने बड़ी चुनौतियॉ पैदा करेगी। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आहवान किया कि, वे अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनाए और बढती हुई जनसंख्या से पृथ्वी पर बढने वाले ग्रीन हाउस प्रभाव के दुष्परिणामों को कम करने में अपना योगदान दें।

शिविर के दौरान श्री उपाध्याय ने छात्र छात्राओं को कई रोचक उदाहरण देते हुए उनसे संबंधित जटिल कानूनी प्रावधानों को समझाया तथा बालकों एवं किशारों के द्वारा किए जाने वाले तथा उनके साथ होने वाले विभिन्न अपराधों के संबंध में छात्र-छात्राओं को अवगत कराया । उन्होंने छात्राओं को योग्य और सक्षम बनने के लिए प्रेरित किया और कहा कि, हमारे देश में बेटों की चाहत में भी लोग दो से अधिक सतानों को जन्म देते हैं, लेकिन बेटियॉ सक्षम और सबल होकर अपने माता पिता को आश्रय और संबल प्रदान करेंगे तो हो सकता है भविष्य में लोगों में बेटों की चाहत थोड़ी कम होगी इससे जनसंख्या पर थोड़ा नियंत्रण संभव है साथ ही कन्या भ्रुण हत्या जैसे अपराधों पर भी रोक लगेगी।

शिविर के दौरान छात्र-छात्राओं ने सचिव श्री उपाध्याय से कानून एवं व्यक्तित्व विकास पर प्रश्न भी पूछे जिनका उनके द्वारा जवाब दिया गया, साथ ही दिनांक 14.07.2018 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के संबंध में भी जानकारी दी गयी तथा छात्र-छात्राओं को बताया गया कि यदि उनके परिवार या परिचित किसी व्यक्ति का लोक अदालत में उपस्थित होने का नोटिस मिले तो उन्हें लोक अदालत में उपस्थित होंवे और लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निराकरण कराने हेतु प्रेरित करें। शिविर के दौरान दोनों विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएॅ तथा विद्यालयों के लगभग 1200 छात्र-छात्राएॅ मौजूद रहे।

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