राजनीतिसंपादकीय

संपादकीय : दिल्ली की हार पर जनता को “मुफ्तखोर” कहने वाले पहले यह जरूर पढ़ें… और इसका जवाब हो तो ही जनता को मुफ्तखोर कहें…. अहंकार छोड़ लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान करना सीखें….

व्यास मुनि द्विवेदी, रायपुर, 12 फ़रवरी 20120. दिल्ली में 70 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद भाजपा के समर्थक, कुछ नेता और मीडिया का एक धड़ा इस कदर झल्लाएं हैं कि वह अपनी मर्यादा भूल जा रहे हैं. सोशल मीडिया में तमाम तरह के दिल्ली की जनता को मुफ्त खोर जैसे शब्द से नमाज रहे हैं. देश का एक बड़ा चैनल 3 दिन से पानी पी पीकर दिल्ली की जनता को “मुफ्तखोरी” जीत गई कह रहे हैं. लेकिन अपने भीतर झांकने की कोशिश नहीं कर रहे हैं. 53 परसेंट से अधिक जनता ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी को वोट किया है. इसका मतलब यह नहीं हो सकता कि इतनी बड़ी तादाद में जनता नासमझ है. वह जरूर सोच समझकर ही निर्णय लिये होंगे। जहां तक रही बात मुक्त की तो भाजपा और उसके समर्थक अपने मेनिफेस्टो को उठाकर एक बार पढ़े कि उसने अपने मेनिफेस्टो में क्या वादा किया था? क्या वह मुफ्त खोरी की अपील नहीं कर रहे थे? इसके लिए हम यहां पर दोनों पार्टियों के मेनिफेस्टो प्रस्तुत कर रहे हैं. भाजपा ने ऐसी कोई कसर नहीं छोड़ी जो मुक्त देने का वादा नहीं किया हो. लेकिन दिल्ली की जनता ने उन पर विश्वास नहीं किया तो अपना आत्म विश्लेषण करने की बजाय जनता को ही दोष देने लगे. यह उन समर्थकों को भी जानने की जरूरत है जो बिना पढ़े ही कुछ भी बोलने के लिए तैयार हो जाते हैं. अब आप खुद दोनों पार्टियों के मेनिफेस्टो पढ़े और फिर जवाब दीजिए कि क्या भाजपा मुफ्त खोर नहीं बना रही थी??

आम आदमी पार्टी के घोषणापत्र के मुख्य बिंदू..   

  • पांच साल तक 200 यूनिट मुफ्त बिजली जारी रहेगी.
  • दिल्ली में  10 लाख बुजुर्गों को फ्री तीर्थयात्रा.
  •  24 घंटे और साफ पानी और हर महीने 20 हजार लीटर पानी मुफ्त योजना पांच साल जारी रहेगी.
  •  प्राथमिक शिक्षा से लेकर ग्रेजुएशन तक बेहतर शिक्षा की गारंटी.
  • दिल्ली के हर व्यक्ति चाहे वह गरीब हो या अमीर हो, उसे फ्री चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध.
  • महिलाओं के साथ-साथ स्टूडेंट्स के लिए भी मुफ्त यात्रा.
  • प्रदूषण फ्री दिल्ली बनाने के लिए 2 करोड़ से अधिक पेड़ लगाने की गारंटी.
  • दिल्ली के चप्पे-चप्पे पर स्ट्रीट लाइट लगाने की गारंटी.
  • झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को पक्के मकान की गारंटी.
  • दिल्ली जन लोकपाल बिल और स्वराज बिल.
  • दिल्ली में राशन की डोर स्टेप डिलीवरी
  •  स्कूलों में देशभक्ति पाठ्यक्रम.
  •  युवाओं के लिए स्पोकन इंग्लिश कोर्स फ्री में कराने का वादा.
  •  सफाई कर्मचारी की मृत्यु पर 1 करोड़ का मुआवजा.
  •  पुनर्वास कॉलोनियों के लिए मालिकाना हक.

बीजेपी के घोषणापत्र में वादे

  •     200 युनिट बिजली फ्री और 20 हजार लीटर पानी फ्री, सब्सिडी जारी रहेगी
  •     गरीबों को दो रुपये किलो आटा.
  •     दिल्ली में 10 नए कॉलेज और 200 नए स्कूल.
  •     नौवीं कक्षा के छात्रों को साइकिल फ्री देने का वादा.
  •     कॉलेज जाने वाली छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी फ्री.
  •     गरीबों की लड़की का अकाउंट में  21 साल में 2 लाख रुपये.
  •     तीन से पांच साल में टैंकर मुक्त दिल्ली, हर नल से जल.
  •     गरीब विधवा की बेटी की शादी के लिए 51 हजार रुपये उपहार.
  •     पांच वर्ष के कार्यकाल में कम से कम 10 लाख बेरोजगारों को रोजगार.
  •     नई अधिकृत कॉलोनियों के विकास के लिए कॉलोनी डेवलपमेंट बोर्ड, विकास को प्राथमिकता

अब अन्तर कहा रहा सिर्फ यह कि जनता ने अपना विस्वास उसी पर जताया जिसने काम करके दिखाया है. न कि कोरे वादों पर. … जरा यह भी बताये की कितने सांसद और मंत्री सब्सिडी छोड़ दिए है? मुफ्त के सरकारी बंगले और गाड़िया छोड़ दिए हैं? जनता को पाठ पढ़ाने से पहले खुद पाठ पढ़े……लोकतंत्र में जनमत का सम्मान करें अहंकार छोड़ अपना आत्म विश्लेषण करें अन्यथा नुक्सान आगे भी भुगतना पड़ सकता है.

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