छत्तीसगढ़

नई सरकार की घोषणाओं को पूरा करने में वित्त विभाग उलझा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नई सरकार की घोषणाओं को पूरा करने में अधिकारी दिन रात एक कर रहे हैं। सबसे ज्यादा व्यस्तता इन दिनों वित्त विभाग में है। मंत्रालय स्थित वित्त विभाग के सभी कक्षों में दिनरात काम चल रहा है। दरअसल सरकारी घोषणाओं को पूरा करने के लिए विभिन्न् विभाग कार्ययोजना तो बना रहे हैं लेकिन पैसे का इंतजाम वित्त विभाग को करना है।

गुरूवार को मुख्य सचिव ने मंत्रालय में सभी विभाग प्रमुखों की बैठक लेकर नई सरकार की घोषणाओं के मुताबिक कार्ययोजना पर चर्चा की। वित्त विभाग को अब इस कार्ययोजना के मुताबिक आर्थिक योजना तैयार करनी है ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा सके।

सरकार ने किसानों की कर्ज माफी के साथ ही बेरोजगारी भत्ता, धान का दाम 25 सौ करने, बिजली बिल आधा करने आदि की घोषणाएं की हैं। इन घोषणाओं को अब अधिकारियों को पूरा करना है। सरकार का बजट छोटा है, राजस्व का मुख्य स्रोत शराब और बिजली का बिल ही है। सरकार शराब बंद करने जा रही है और बिजली बिल आधा।

इससे वित्तीय स्थिति डांवाडोल हो सकती है और सरकार को बड़ा कर्ज लेना पड़ सकता है। पहले से ही सरकार पर करीब 20 हजार करोड़ का कर्ज है। अब नई योजनाओं के लागू होने से सड़क, नया राजधानी का विकास जैसे बड़ी परियोजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। वित्त विभाग इसी गुणा-भाग में लगा है कि कैसे सरकार की घोषणाओं को पूरा करें।

पहली प्राथमिकता में किसान

सरकार ने पहली प्राथमिकता में किसानों को रखा है। कर्जमाफी और धान का समर्थन मूल्य बढ़ाने की घोषणा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शपथ लेते ही की। इसके बाद से उनकी इन घोषणाओं पर अमल करने का काम चल रहा है। घोषणापत्र के अन्य वादों के लिए कार्ययोजना के मुताबिक वित्त का इंतजाम किया जाएगा।

इनका कहना है

व्यस्तता तो रहेगी ही। वित्त विभाग कार्ययोजना के मुताबिक क्रियान्वयन की योजना बना रहा है। इन दिनों विभागीय सरगर्मी कुछ ज्यादा है। हम जरूरत के मुताबिक वित्तीय संसाधन जुटा लेंगे।

-डॉ. कमलप्रीत सिंह, विशेष सचिव, वित्त विभाग

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