April 16, 2021

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नेशनल लोक अदालत में एक ही दिन में निपटे 1028 मामले, तेरह करोड़ से अधिक राशि का हुआ समझौता

रायपुर (सुयश ग्राम) राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री प्रीतिंकर दिवाकर के निर्देश एवं मार्गदर्शन में आज रायपुर जिला न्यायालय में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रातः 10 बजे रायपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री नीलम चंद सांखला ने दीप प्रज्वलित कर लोक अदालत का उद्धाटन किया। जिला न्यायाधीश श्री सांखला ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे देश में शत प्रतिशत लोग साक्षर नहीं है और जो लोग साक्षर है वह विधिक रूप से साक्षर नहीं है, इसलिये लोगों में विधि एवं लोक अदालत के संबंध में जागरूक किया जाना अत्यंत आवश्यक है। हमें लोगों को बताना होगा कि छोटी-छोटी बातों को हम घर की दहलीज में ही निपटा लें, बाहर न लाने दे, और यदि बात बढ़ भी जाये तो उसे आपसी राजीनामा से निपटा लें, यही लोक अदालत की सार्थकता है।
आज की नेशनल लोक अदालत में सुबह दस बजे से ही भीषण गर्मी के बावजूद अपार जन समूह न्यायालय परिसर में उमड़ पड़ा। दोपहर होते होते न्यायालय पक्षकारों एवं आम जनता से खचाखच भरा हुआ था। कई न्यायालयों के सामने भारी भीड थी। न्यायालय परिसर में जगह-जगह पर स्वच्छ पेय जल की व्यवस्था की गयी। बाहर से आने वाले पक्षकारों के लिए निःशुल्क दाल-भात का स्टाल लगाया गया था एवं भारी जन समुदाय को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य शिविर का भी स्टॉल लगाया गया था

नेशनल लोक अदालत में सुनवाई हेतु लगभग 9000 मामले नियत किए गए थे जिसमें 1028 मामले अंतिम रूप से निराकृत हुए। इनमें से कई मामले ऐसे थे जो लंबे समय से न्यायालय में लंबित थे। इसके अतिरिक्त न्यायपीठों के समक्ष लगभग 5091 प्री-लिटिगेशन मामले भी सुनवाई हेतु रखे गए थे, जिनमें बड़ी संख्या में मामलों का निराकरण हुआ।
इस अवसर पर राज्य विधिज्ञ परिषद के सदस्य श्री के के शुक्ला, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री सुरेंद्र महापात्र, ने भी संबोधित किया। सभी ने उपस्थित पक्षकारों, अधिवक्ताओं एवं सभी अधिकारियों से लोक अदालत में अधिक से अधिक सहयोग प्रदान करने की अपील की। नेशनल लोक अदालत के उद्घाटन सत्र पर उपस्थित जन समूह के प्रति विशेष न्यायाधीश श्री अब्दुल जाहिद कुरैशी ने आभार व्यक्त किया। उद्घाटन सत्र में कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री उमेश उपाध्याय ने किया।

आंकड़े एक नजर में:-
नेशनल लोक अदालत में सुनवाई हेतु रखे गए कुल न्यायालयीन मामले -4074
निराकृत हुए कुल मामले – 836

निराकृत हुए मामलो का वर्गीकरण:-
राजीनामा योग्य आपराधिक मामले- 207
चेक बाउंस के मामले – 266
दुर्घटना दावा प्रकरण – 54
सिविल वाद – 108
विद्युत अधिनियम से संबंधित मामले- 185
विवाह से संबंधित मामले- 14
रखे गये प्री लीटिगेशन मामले – 7863
निराकृत मामले – 192
कुल सभी मामलों में समझौता राशि – 13,95,95,342/- (अक्षरी तेरह करोड़ पंचान्बे लाख पंचान्बे हजार तीन सौ बयालिस रूपये)।

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