January 23, 2021

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पीएम आवास के बाद आई अब मनरेगा की बारी, दुधली पंचायत में मनरेगा के तहत हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा ग्राम सभा में खुली रोजगार सहायक की पोल, ग्रामीण ने दिया लिखित शिकायत पत्र

बालोद। डिलेश्वर देवांगन। बालोद जिला लगातार भ्रष्टाचार के गढ़ के रूप में तब्दील होते जा रहा है। जिम्मेदारों की करतूतों से लोगों को फायदा नहीं नुकसान हो रहा है। दुधली पंचायत में पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नियम विरूद्ध निर्माण कार्य को अंजाम देने की बात सामने आई अब फिर ग्राम सभा में रोजगार सहायक द्वारा किये गये कृत्यों की पोल खुल गई। उक्त पंचायत में मनरेगा के तहत बड़े फर्जीवाड़े की बात सामने आई जिसकी लिखित शिकायत ग्रामीणों ने ग्राम सभा में पहुंचे ब्लॉक सामाजिक अंकेक्षण प्रदाता त्रिलोकी सिन्हा को दी। अब देखने वाली बात यह होगी कि इनते बड़े फर्जीवाड़े में जिले के जिम्मेदार अधिकारी कितनी जल्दी कार्यवाही करते हैं। ग्रामीण रोजगार सहायक की करतूतों की शिकायत जनपद में भी कर दी है लेकिन अब तक क्या कार्यवाही हुई कोई अता पता नहीं।
जिला मुख्यालय से 8 किमी दूर ग्राम पंचायत दुधली मालीघोरी में इन दिनों भ्रष्टाचार का बड़ा खेल चल रहा है। जिला व जनपद के जिम्मेदारों की अनभिज्ञता के चलते इस तरह भ्रष्टाचार के कार्यों की नीव लगातार मजबूत होती जा रही है। उक्त पंचायत में पहले तो सरपंच सचिव की मिलीभगत से प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्र हितग्राहियों को पात्र बनाकर आवास योजना का लाभ देने की बात सामने आई और फिर अब मनरेगा कार्य में फर्जीवाड़े की पोल भी खुल गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त पंचायत में सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक की मिली भगत से लगातार शासन के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है जिसकी पोल परत-दर-परत खुल रही है।

रोजगार सहायक ने फर्जी हाजरी से निकाले हजारों पैसे

ग्रामीणों की मानें तो रोजगार सहायक द्वारा गांव में मनरेगा कार्य को वहां के रोजगार सहायक देवेन्द्र देवांगन ने अपने जेब गर्म करने और अवैध उगाही का जरिया बनाये हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जो मनरेगा कार्य के लिए गया ही नहीं है उसका भी हाजरी लगा दिया गया है। ग्रामीणों ने रोजगार सहायक के साथ सरपंच फिरोज तिगाला और सचिव की मिलीभगत का आरोप लगाया।

मरनेगा कार्य में 97 हजार 8 सौ रूपये का घोटाला

ग्राम सभा में पहुंचे सामाजिक अंकेक्षेण प्रदाता त्रिलोकी सिन्हा ने बताया कि उन्हें ग्रामीणों ने जानकारी दी है कि मनरेगा कार्य में रोजगार सहायक देवेन्द्र देवांगन ने फर्जी उपस्थिति डालकर 97 हजार 8 सौ रूपये का घोटाला किया है। उन्होंने कहा कि पहले इन सभी जानकारियों को शासन तक पहुंचते हैं फिर शासन की ओर से जो निर्देश आता है उसके तहत कार्यवाही करते हैं। इसके साथ ही जानकारी तो यह भी मिली है कि ग्राम पंचायत के सभी पंच के सभी पंच सभी पंच कार्यस्थल से कई दिनों तक दिनों तक अनुपस्थित रहे फिर भी उनके नाम से हाजरी लगाया गया है।

परिवार वालों को जानकारी नहीं अकाउंट नंबर किसका है

ग्रामीण डामेश देशमुख ने बताया कि एक जॉब कार्ड में एक सप्ताह तक एक व्यक्ति काम करने गया। लेकिन पहले सप्ताह में मस्टरोल में उनका नाम नहीं आया। उसके बाद दूसरे सप्ताह भी वही व्यक्ति काम करने गया तो दूसरे सप्ताह में उनके और उनकी मां का नाम मस्टरोल में आ गया जो कि नियमतः गलत है। जब मस्टरोल में उनकी मां का नाम आया तो अकाउंट नंबर भी उन्हीं का होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं। नाम तो मां का था लेकिन एकाउंट नंबर किसी और का। जिसकी जानकारी पारिवार वालों को भी नहीं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मां के एकाउंट नंबर की जगह रोजगार सहायक ने अपने पिता कपेंद देवांगन का एकाउंट नंबर डाल दिया है। जिससे फर्जी हाजरी का पैसे सीधे उनके जेब में आ सके।

पंच नही करेंगे काम, केवल देखरेख करेंगे- सरपंच
पूरे मामले में जानकारी लेने ग्राम पंचायत दूधली के के रोजगार सहायक देवेंद्र देवांगन के पास फोन के माध्यम से संपर्क किया गया तो वह जवाब देना उचित नहीं समझा। वही सरपंच फिरोज तिगाला ने कहा कि गांव में पहले से नियम बना है कि पंच मौके पर पहुंचकर काम नही करेंगे वहां चल रहे काम की देखरेख करेंगे। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि बिना काम और बिना उपस्थिति के पंचों के खाते में पैसा नही जाना चाहिए।

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