छत्तीसगढ़

ब्रेकिंग न्यूज़: विधासभा एक्शन… बिलासपुर के पेंडारी नसबंदी कांड में मंत्री ने दो अधिकारीयों को किया निलंबित…जाने क्या है पूरा मामला??

रायपुर, 04 मार्च 2020। भाजपा शासनकाल में पेंडारी नसबंदी शिविर में 13 महिलाओंं की मौत का मामला सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों ने ही उठाते हुए अपने तीखे तेवर दिखाए और कहा कि न्याय मांगने वाले ही अब न्याय नहीं कर पाये है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने दो औषधि निरीक्षकों को निलंबित करने की घोषणा की।

उल्लेखनीय है कि 2014 में छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित पेंडारी नसबंदी शिविर में 83 महिलाओं के बीमार होने और 13 महिलाओं की मौत मामले में सरकार को सत्ता पक्ष के ही विधायकों ने घेरा था। इस मसले पर विधायक शैलेष पांडेय और रश्मि आशीष सिंह ने ध्यानाकर्षण प्रस्तुत किया था। शैलेष पांडेय ने कहा कि एक ऐसा मसला जिसमें तेरह महिलाओं की मौत हुई हो और उसमें ठोस कार्रवाई न होना खेद का विषय है। असली दोषियों को बचाने की बात हो रही । रश्मि आशीष सिंह ने कहा-इस मसले को लेकर हम लोगों ने न्याय यात्रा निकाली थी और हमारी ही सरकार में न्याय नहीं हो रहा है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने कहा कि इस मामले में चालान जमा करने में लापरवाही हुई है, रिपोर्ट आने के बाद भी जमा नहीं की गई।

कौन कौन हुआ निलंबित

  1. राजेश क्षत्री, सहायक औषधि निरीक्षक और
  2. धर्मवीर धु्रव औषधि निरीक्षक

क्या है मामला
पेंडारी के नेमीचंद जैन अस्पताल में 8 नवंबर 2014 को नसबंदी के बाद 83 महिलाओं के बीमार और 13 महिलाओं की मौत हो गई थी। इसमें दवा कंपनी के संचालकों के मामले की सुनवाई जिला न्यायालय में चल रही है। इसमें महावर कंपनी के संचालक रमेश महावर और उसके बेटे सुमीत महावर की ओर से कुछ दस्तावेज की मांग की गई है। वहीं कविता फार्मा के संचालक राजेश खरे के तरफ से एक ही मामले को दो न्यायालय में चलाने के विरोध में आवेदन लगाया है। महावर के आवेदन पर अभी तक पुलिस ने जवाब प्रस्तुत नहीं किया है,

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