January 23, 2021

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प्रेमप्रकाश गजेंद्र

निष्कासित हुए अनियमित कर्मचारियों की विभागों में मध्यप्रदेश की तर्ज में छत्तीसगढ़ में भी हो वापसी, अनियमित कर्मचारियों की छटनी पर लगे रोक – प्रेमप्रकाश गजेंद्र

रायपुर, 12 फरवरी 2020। कमलनाथ सरकार सरकारी कर्मचारियों पर मेहरबान है। कृषि ग्रामीण पंचायत एवं विकास विभाग के संविदा कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। साथ ही पर्यटन विभाग के आउट सोर्स कर्मचारियों की संविदा नियुक्ति का ऐलान किया है। सरकार ने निलंबित 648 संविदा कर्मचारियों की वापसी का ऐलान किया है। इसके लिए आदेश जारी कर दिए है। जल्द ही संविदा कर्मचारियों की विभागों में वापसी होगी।

दरअसल,कमलनाथ सरकार ने बड़ी राहत लेते हुए पिछली सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निष्कासित हुए 648 संविदा कर्मचारियों की वापसी का ऐलान किया है। कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले इन्हें बहाल करने का वादा किया था, जिसे अब वो पूरा कर रही है।सरकार ने इनकी बहाली के आदेश जारी कर दिए है। सीएम के ऐलान के बाद हाई पॉवर कार्य परिषद ने नौकरी में वापसी को मंजूरी दी। कार्य परिषद के अध्यक्ष सीएस एसआर मोहंती हैं।

मानदेय भी बढ़ेगा
कमलनाथ सरकार के नये फैसले के बाद अब ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर को 25 हजार के बजाए 30,000 रुपए और ब्लॉक सहायक टेक्नोलॉजी मैनेजर को 15,000 के स्थान पर 25000 रुपए दिए जाएंगे। ठीक इसी तरह लेखापाल को 12984 के बजाए अब 22250 रुपए मानदेय के रूप में मिलेंगे।

छत्तीसगढ़ में निष्कासित अनियमित कर्मियों की वापसी की बढ़ी मांग
छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों राज्य में कांग्रेस की ही सरकार है इसलिए निष्काषित अनियमित कर्मियों को वापस काम में नियुक्ति पाने की आशा जगी है. इस सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमप्रकाश गजेंद्र ने एसजी न्यूज़ से चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को भी निकाले गए अनियमित कर्मचारियों को वापस लेना चाहिए साथ ही विभिन्न विभागों से निकले/छटनी किये जा रहे अनियमित कर्मचारियों की कार्यवाही पर रोक लगना चाहिए। सरकार अपने वादे के मुताबिक जल्द से जल्द अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने की कार्यवाही करे.

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