January 22, 2021

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UIDIA द्वारा जारी नोटिस

बड़ी खबर: पहली बार 127 लोगों को UIDAI का नोटिस , 20 फरवरी तक साबित करो भारत की नागरिकता, क्या है पूरा मामला?

नई दिल्ली, 19 फ़रवरी 2020. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के हैदराबाद ऑफिस ने कथित तौर पर गलत तरीका अपनाकर आधार नंबर प्राप्त करने वाले 127 लोगों को नोटिस भेजा है. जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से हैं. शुरुआत में बताया गया UIDAI ने इन लोगों को वास्तविक दस्तावेज दिखाकर नागरिकता साबित करने को कहा है.

UIDAI ने 3 फरवरी को जारी नोटिस में लिखा है- ‘हैदराबाद में रिजनल ऑफिस को शिकायत मिली है कि आप भारत के नागरिक नहीं थे. आपने गलत जानकारी देकर और फर्जी दस्तावेज दिखाकर आधार नंबर हासिल किया है. इसलिए भारतीय नागरिकता वास्तविक दस्तावेज के साथ रिजनल ऑफिस में पेश हों.’

20 फरवरी को पेश होने का निर्देश
न्यूज़ 18 में प्रकाशित खबर के अनुसार नोटिस में यह दावा किया गया है कि हैदराबाद रिजनल ऑफिस काफी पहले से इस मामले की जांच कर रही है. इस संबंध में सभी 127 लोगों को 20 फरवरी को इन्क्वॉयरी ऑफिसर अमिता बिंदरू के दफ्तर में पेश होकर अपनी नागरिकता साबित करने के लिए सभी ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स दिखाने को कहा गया है. अगर वो अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाए, तो ऐसी स्थिति में उनका आधार नंबर डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा. हालांकि, नोटिस में ये नहीं कहा गया कि नागरिकता साबित करने के लिए इन लोगों को कौन से दस्तावेज दिखाने होंगे.

रिक्शा चालक का आधार नकली होने की शिकायत
बता दें कि हैदराबाद में 40 एक वर्षीय ऑटो-रिक्शा चालक को यूआईडीएआई ने एक शिकायत पर अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कहा है. शिकायत में उसका आधार कार्ड नकली बताया गया है. बायोमेट्रिक्स-आधारित पहचान पत्र प्रणाली चलाने वाले प्राधिकरण के उप निदेशक और जांच अधिकारीने रिक्शा चालक को 20 फरवरी को सुबह 11 बजे उनके सामने पेश होने के लिए कहा है.

क्या कहता है आधार एक्ट?
आधार एक्ट 2016 के मुताबिक, आधार नागरिकता का दस्तावेज नहीं है और आधार अधिनियम के तहत UIDAI को यह सुनिश्चित करना होता है कि आधार के लिए आवेदन करने से पहले कोई व्यक्ति भारत में कम से कम 182 दिनों से रह रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने एक ऐतिहासिक फैसले में यूआईडीएआई (UIDAI) को अवैध प्रवासियों को आधार नहीं जारी करने का निर्देश दिया था.

इस नोटिस के बाद बहस छिड़ गयी है कि आधार नागरिकता साबित करने का दस्तावेज नहीं हो सकता है. बल्कि आधार के लिए पहले नागरिकता होनी चाहिए। हालाँकि हाल ही में असम है हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में वोटर कार्ड और राजस्व रसीद को नागरिकता का आधार नहीं माना है.

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