January 24, 2021

Suyashgram.com

मासिक पत्रिका एवं वेब न्यूज़ पोर्टल

बड़ी खबर: मध्यप्रदेश के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों- उमा भारती, कैलाश जोशी (दोनों भाजपा) और दिग्विजय सिंह (कांग्रेस) के लिए कोर्ट आदेश बना आफत

भोपाल/जबलपुर।एसजी न्यूज। उत्तर प्रदेश के बाद अब मध्यप्रदेश में भी पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास को लेकर कोर्ट का डंडा चला है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित शासकीय बंगलों को एक माह में खाली कराने का आज आदेश दिया। इस आदेश के साथ ही मध्यप्रदेश के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों- उमा भारती, कैलाश जोशी (दोनों भाजपा) और दिग्विजय सिंह (कांग्रेस) को अपना भोपाल स्थित बंगला खाली करना पड़ेगा। न्यायमूर्ति हेमंत कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति ए के. श्रीवास्तव की सदस्यता वाली उच्च न्यायालय की एक पीठ ने विधि छात्र रौनक यादव द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए सरकार को निर्देश दिया है कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित शासकीय बंगले एक माह में खाली कराए जाए। इस आदेश के साथ पीठ ने याचिका का निपटारा कर दिया। याचिकाकर्ता ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन शासकीय बंगला आवंटन किये जाने के खिलाफ यह याचिका दायर की थी। याचिका में मध्यप्रदेश सरकार के अलावा मध्यप्रदेश के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों उमा भारती, कैलाश जोशी (दोनों भाजपा) एवं दिग्विजय सिंह (कांग्रेस) को पक्षकार बनाया गया था। याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विपिन यादव ने पैरवी की।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित शासकीय बंगलों को एक माह में खाली कराने का आज आदेश दिया।

इस आदेश के साथ ही मध्यप्रदेश के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों- उमा भारती, कैलाश जोशी (दोनों भाजपा) और दिग्विजय सिंह (कांग्रेस) को अपना भोपाल स्थित बंगला खाली करना पड़ेगा।

न्यायमूर्ति हेमंत कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति ए के. श्रीवास्तव की सदस्यता वाली उच्च न्यायालय की एक पीठ ने विधि छात्र रौनक यादव द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए सरकार को निर्देश दिया है कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित शासकीय बंगले एक माह में खाली कराए जाए।

इस आदेश के साथ पीठ ने याचिका का निपटारा कर दिया। याचिकाकर्ता ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन शासकीय बंगला आवंटन किये जाने के खिलाफ यह याचिका दायर की थी।

याचिका में मध्यप्रदेश सरकार के अलावा मध्यप्रदेश के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों उमा भारती, कैलाश जोशी (दोनों भाजपा) एवं दिग्विजय सिंह (कांग्रेस) को पक्षकार बनाया गया था।

याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विपिन यादव ने पैरवी की।

Spread the love

You may have missed