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बड़ी खबर: राजधानी में 1.80 लाख अनियमित कर्मचारियों के नियमितिकरण को लेकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोल…….. हजारों अनियमित कर्मचारी जुटें राजधानी रायपुर में….. सरकार को याद दिलाएंगे वादा

रायपुर 14 फरवरी 2020। बजट सत्र के ठीक पहले प्रदेश भर के अनियमित कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करना शुरू कर दिया है। अनियमित व संविदाकर्मी मांगों लेकर राजधानी रायपुर में सरकार को चुनावी वादा याद दिलाने हजारों कर्मचारी राजधानी रायपुर में इकठ्ठा हुए हैं। अनियमित कर्मचारी संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ के बैनर तले राजधानी में इकठ्ठा होकर आज संयुक्त मोर्चा राजधानी में महासम्मेलन आयोजित कर सरकार को नियमितिकरण का वादा याद दिला रहे हैं. संघ के अनुसार 55 से अधिक अनियमित कर्मचारियों के संगठन का समर्थन है.

क्या है संघ की मांगे?
छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ (संयुक्त मोर्चा) प्रदेश में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों (संविदा, दैनिक वेतन भोगी, केन्द्र व राज्य की योजनाओं में कार्यरत, कलेक्टर दर, मानदेय पर कार्यरत, प्लेसमेंट, अशंकालिक, जाबदर, स्थानीय प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत तथा अन्य किसी भी विधि से नियुक्त शासकीय/अर्द्धशासकीय कार्यालयों के अधिकारियों/ कर्मचारियों) का संगठन है और अपने सदस्यों के हित में 4 सूत्रीय मांग को लेकर विगत वर्षों से निरंतर संघर्षरत है.

  1. तत्काल प्रत्येक वर्ष प्रशासकीय स्वीकृति और बजट के नाम पर सेवावृद्धि एवं सेवा से पृथक किये जाने का भय समाप्त कर 62 वर्ष कि आयु तक वृत्ति सुरक्षा प्रदान की जावे।
  2. विगत 2-3 वर्षों से जिन योजनाओं आबंटन शासन से विभागों में लिया जा रहा हो किन्तु कर्मचारियों को सेवा से पृथक किया गया हो अथवा छटनी कि गई हो उन्हें सेवा में बहाल किया जावे ।
  3. छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत समस्त विभागों के अनियमित (संविदा, दैनिक वेतन भोगी, केन्द्र व राज्य की योजनाओ मे कार्यरत, कलेक्टर दर, मानदेय पर कार्यरत, प्लेसमेन्ट, अंशकालिक, जॉबदर, स्थानीय प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत तथा अन्य किसी भी विधि से नियुक्त) शासकीय/अर्धशासकीय कार्यालयों के कर्मचारी/अधिकारियों को नियमित किया जावे ।
  4. शासकीय सेवाओं में आउट सोर्सिंग/ठेका प्रथा को पुर्णतः समाप्त किया जावे और वर्तमान में कार्यरत हों, उन्हें शासकीय सेवक का दर्जा दिया जावे तथा “सामान कार्य समान वेतन” लागु किया जावे I
  5. 15 अनियमित कर्मचारियों पर न्यायालय में चल रही मुकदमें को वापस लेने हेतु समय-सीमा में कार्यवाही किये जाने हेतु प्रस्ताव।

गोपाल प्रसाद साहू, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ सँयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ संयक्त मोर्चा का कहना है कि माननीय मुख्यमंत्री एवँ कांग्रेस के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने हमारे संघर्ष के दिनों में हमारे मंच पर आये और उनकी सरकार बनने पर 10 दिवस में नियमित करने का वादा किया था तथा हमारी मांगों को कांग्रेस के जन-घोषणा (वचन) पत्र “दूर दृष्टि, पक्का इरादा, कांग्रेस करेगी पूरा वादा” के बिंदु क्रमांक 11 एवं 30 में अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण करने, छटनी न करने तथा आउट सोर्सिंग बंद करने का वादा किया| इसी प्रकार दिनांक 14.02.2019 को आयोजित कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा इस वर्ष किसानों के लिए है आगामी वर्ष कर्मचारियों का होगा के वचन से हम काफी आशान्वित है| परन्तु अनियमित कर्मचारियों की छटनी ने हमारी कमर तोड़ दी है, छटनी से अनियमित साथियों में असुरक्षा, भय, रोष, असंतोष व्याप्त है|

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