May 10, 2021

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बड़ी खबर: राजनीति रणनीतिकार प्रशांत किशोर की बिहार में प्रेस कांफ्रेस में बड़ा ऐलान …. बिहार में बड़ी राजनीतिक फेरबदल के आसार, नितीश कुमार पर कसा तंज, भाजपा और नीतीश के राज को देंगे चुनौती

पटना, 18 फ़रवरी 2020। राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर जदयू से अलग होने के बाद पहली बार पटना पहुंचे और पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसा और कहा कि वो तो मेरे पितातुल्य हैं, मेरे लिए आदरणीय हैं। लेकिन, हमारे बीच कुछ मुद्दों को लेकर वैचारिक मतभेद है। प्रशांत ने कहा कि आज बिहार को किसी पिछलग्गू नहीं, एक मजबूत नेता की जरूरत है जो अपने फैसले खुद ले सके।

प्रशांत किशोर ने सीएम नीतीश को लेकर बड़ी बात कही, कहा कि अगर आपके किसी के आगे झुकने से भी बिहार का विकास हो रहा है, तो मुझे आपत्ति नहीं है। क्या इस गठबंधन के साथ रहने से बिहार का विकास हो रहा है? सवाल यह है कि इतने समझौते के बाद भी बिहार में इतनी तरक्की हो गई है? क्या बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिला?’

बिहार की नीतीश सरकार के कामकाज पर उठाया सवाल

उन्होंने बिहार में पिछले 10 से 12 वर्षो में किये गए काम का हवाला देकर नीतीश सरकार के काम पर सवाल उठाते हुए प्रशांत ने कहा कि आज भी बिहार वहीं है जहां पिछले 15 वर्षों से था। ऐसा नहीं कि बिहार में विकास का काम नहीं हुआ है, लेकिन जैसा हो सकता था, वैसा काम नहीं हो सका।

प्रशांत किशोर अब करेंगे ‘बात बिहार की’

प्रशांत किशोर ने आगे कहा, ‘मैं यहां किसी राजनीतिक पार्टी का ना ही ऐलान करने जा रहा हूं और ना ही किसी गठबंधन के काम में मेरी कोई दिलचस्पी है। मैं बिहार में नया कैंपेन शुरू कर रहा हूं- बात बिहार की। मेरा लक्ष्य सिर्फ बिहार की तस्वीर को बदलना है। उन्होंने कहा कि सभी साढ़े आठ हजार पंचायत के करीब दस लाख युवा बिहार बदलाव के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसी क्रम में किशोर ने एक आंकड़ा जारी कर बिहार में पिछले 15 वर्ष के विकास की तुलना भी की।

गांधी-गोडसे साथ नहीं चल सकते

प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार को यह तय करना होगा कि वो किसके साथ हैं । एक ओर वे कहते हैं कि वे बापू-जेपी-लोहिया के आदर्शों को नहीं छोड़ सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर वे गोडसे को मानने वाले लोगों के साथ खड़े होते हैं, ऐसा कैसे हो सकता है? बापू और गोडसे साथ नहीं चल सकते। प्रशांत किशोर ने कहा कि फिलहाल वो बिहार में कोई पॉलिटिकल पार्टी नहीं खड़ी करने जा रहे हैं, लेकिन बिहार में बदलाव लाने के लिए काम करना चाहते हैं।

आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर बन सकते हैं मुख्यमंत्री का चेहरा !

राजनीति में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि देर सवेर प्रशांत किशोर आम आदमी पार्टी की ओर से बिहार में मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं. प्रशांत किशोर का बिहार की राजनीति में खुलकर आना भाजपा और नीतीश दोनों के लिए बड़ी चुनौती साबित होंगे।

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