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बड़ी खबर: सकरी कचरा डंप मामले में कोर्ट ने कहा कि पानी और प्रदूषित हुआ तो निगम और राज्य को कंपनसेशन देना पड़ेगा। ……. कोर्ट ने पूछा जब आसपास लोग रहते थे और वहां तलाब था तो जमीन कैसे हुई अलॉट?

रायपुर/बिलासपुर, 16 दिसंबर 2019. सकरी कचरा डंप मामले में दायर जनहित याचिका की आज सुनवाई करते हुए माननीय मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति पीपी साहू की युगल बेंच ने राज्य को इस बात के लिए जवाब देने को कहा है कि जब सकरी डंपिंग ग्राउंड के बीच में वाटर बॉडी (तालाब) था और आस पास पहले से ही लोग रह रहे थे तो वहां जमीन कचरा निष्पादन के लिए नगर निगम को कैसे आवंटित कर दी गई? राज्य इसका जवाब दे. गौरतलब है कि कचरा डंपिंग ग्राउंड से कुछ मीटर दूरी पर हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनीया पहले से ही अस्तित्व में थी.

पानी प्रदूषित ना हो नहीं तो निगम और राज्य दोनों को देना पड़ेगा कंपनसेशन
नगर निगम द्वारा सीधा कचरा डंप करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कोर्ट ने कहा कि निगम कोई भी कार्य नियम विरुद्ध ना करें और पर्यावरण संरक्षण मंडल की बात माने. कोर्ट ने कहां कि वहां का पानी और प्रदूषित ना हो नहीं तो निगम और राज्य दोनों को कंपनसेशन देना पड़ेगा. गौरतलब है कि डंपिंग ग्राउंड के नीचे का पानी प्रदूषित हो चुका है और पूरी संभावना है कि पास वाली कॉलोनी का पानी भी जल्दी ही प्रदूषित हो जाएगा.

सकरी कचरा डंप

किस नियम के तहत टेंपरेरी किया जा रहा है कचरा डंप
सकरी में रायपुर नगर निगम द्वारा सूखा कचरा और गीला कचरा अलग अलग करे बिना कचरा डंप किया जा रहा है, निगम की तरफ से यह बताने पर कि वहां टेंपरेरी कचरा डंप किया जा रहा है कोर्ट ने कहा की किस नियम के तहत टेंपरेरी कचरा डंप किया जा रहा है?

निगम पर्यावरण संरक्षण मंडल के आदेशों का करें पालन
गौरतलब है कि पर्यावरण संरक्षण मंडल ने निगम को लिखित में कचरा डंप न करने के लिए पहले ही आदेशित कर दिया था उसके बावजूद निगम सकरी में कचरा डंप कर रहा है. कोर्ट ने आदेशित किया कि निगम पर्यावरण संरक्षण मंडल के आदेशों का पालन करें.

साथ ही पर्यावरण संरक्षण मंडल को आदेशित किया है मंडल अगली सुनवाई तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें. प्रकरण की अगली सुनवाई जनवरी के द्वितीय सप्ताह में होगी.

बता दें कि सकरी सरपंच टी आर सिन्हा, पिरदा सरपंच विजय साहू, तुलसी सरपंच नेमीचंद धीवर, एवं निवासी व्यास मुनि द्विवेदी ने निगम द्वारा सकरी में कचरा डाले जाने के विरोध में हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है.

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