January 16, 2021

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रात 1:30 बजे डॉ रामचंद्रदेव सिंह ने ली आखिरी सांस, 11 बजे कांग्रेस भवन में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा पार्थिव शरीर

रायपुर। एसजी न्यूज़। अविभाजित मध्यप्रदेश में रहे मंत्री एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश के पहले वित्त मंत्री रहे रामचंद्र सिंहदेव का निधन हो गया है। 88 वर्ष की उम्र में उनका कल देर रात निधन हो गया। कोरिया नरेश और कोरिया कुमार के नाम से पहचाने जाने वाले सिंहदेव के निधन से ईमानदार राजनीति के एक युग भी समाप्त हो गया. रामचंद्र सिंहदेव ने रात 1.30 बजे अंतिम सांसें ली। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी ने इसकी पुष्टि की है वित्त मंत्री रामचंद्र सिंहदेव की हालत बेहद नाजुक थी। रायपुर के रामकृष्णा अस्पताल में भर्ती रामचंद्र सिंहदेव को वेंटिंलेटर पर रखा गया था। कुछ दिनों से रामचंद्र सिंहदेव को रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती थे, कल से उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गयी और दोपहर बाद उनकी हालत और भी नाजुक होती चली गयी थी।

बता दें कि उन्हें डाक्टरों की गहन निगरानी में रखा गया था। कोरिया कुमार नाम से डॉ. रामचंद्र सिंहदेव पूरे छत्तीसगढ़ में जाने जाते थे। कोरिया राजघराने के रामचंद्र सिंहदेव ने 1967 में विधानसभा का चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर सरकार में 16 विभागों के मंत्री बने थे। इसके बाद अब तक 6 बार चुनाव जीतकर अविभाजित मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्री पदों पर आसीन रहे हैं।

अंतिम दर्शन के लिए कांग्रेस भवन लाया जाएगा पार्थिव शरीर
पूर्व वित्त मंत्री रामचंद्र सिंहदेव का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए 11 बजे कांग्रेस भवन लाया जाएगा, जहां उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी. कोरिया कुमार के परिवार के ज्यादातर लोग रायपुर पहुँच चुके हैं।

अविभाजित मध्यप्रदेश में एक ऐसा दौर भी आया था जब रामचंद्र सिंहदेव ने एक साथ 16 विभाग संभाले थे। यह उस वक़्त का रिकॉर्ड था. 1967 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्हें सरकार में 16 विभाग दिए गए थे। करीब छह महीनों तक उन्होंने इन विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी।

मध्यप्रदेश से अलग होने के बाद बने छत्तीसगढ़ राज्य में बतौर प्रथम वित्त मंत्री उन्होंने काम किया। राजनीति प्रेक्षक बताते हैं कि ईमानदारी राजनीति की वो अद्भुत मिसाल थे।
रामचन्द्र सिंहदेव की स्कूली शिक्षा राजकुमार कॉलेज से पूरी होने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए वे इलाहाबाद चले गए थे, जहां उनके सहपाठियों में विश्वनाथ प्रताप सिंह और नारायण दत्त तिवारी जैसे देश के बड़े राजनीतिज्ञ रहे. पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह भी उनमें जूनियर हुआ करते थे।

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