छत्तीसगढ़

रायपुर की नई SP, लोगों को अंधविश्वास से दूर रखने अंगारों पर चल पड़ी थीं

रायपुर। नई सरकार बनने के बाद प्रशासनिक स्तर पर व्यापक फेरबदल किए गए हैं। पहले सचिव और कलेक्टर स्तर के अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद मंगलवार की रात को पुलिस मुख्यालय ने जिलों के पुलिस अधीक्षकों का तबादला किया।

राजधानी रायपुर में पहली बार किसी महिला अधिकारी की पुलिस कप्तान के रूप में पदस्थापना की गई है। 2008 बैच की आईपीएस नीथू कमल को राजधानी रायपुर में डॉ अमरेश मिश्रा की जगह पुलिस प्रशासन की कमान सौंपी गई है।

इससे पहले वे जांजगीर चांपा में पुलिस अधीक्षक के पद पर काम कर रही थीं। नीथू का मानना है कि पूरी मेहनत और मन लगाकर किया गया काम जरूर सकारात्मक परिणाम देता है। पुलिसिंग को लेकर भी नीथू की यही सोच है। नीथू ने कम्यूनिटी पुलिसिंग और महिला सुरक्षा को लेकर काफी काम किए हैं। मुंगेली में पदस्थ रहते हुए लोगों के अंदर से अंधविश्वास को खत्म करने के लिए वे जलते अंगारों पर से गुजरी थीं।

नीथू कमल मूलरूप से केरल की रहने वाली हैं और उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास की। करीब 7 वर्ष पूर्व नीथू राजधानी के आजाद चौक थाने में बतौर सीएसपी काम कर चुकी हैं। एक संक्षिप्त बातचीत में नीथू ने कहा कि मैं हार्ड वर्क पर भरोसा रखती हूं। पूरी मेहनत और मनोयोग से किया गया कोई भी काम हमेशा सफल होता है। मैंने पहले रायपुर में बतौर सीएसपी काम किया है और अब एसपी के रूप में राजधानी में काम करने का जो अवसर मिला है, वह मेरे लिए बड़ी बात है।

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अपने काम की वजह से चर्चा में रहीं नीथू का मानना है कि समाज में महिलाओं को बिना भय के रहने लायक वातावरण दिलाने में पुलिस की बड़ी भूमिका होती है। वे ऐसे पुलिसिंग सिस्टम पर भरोसा रखती हैं पब्लिक के लिए फ्रेंडली हो। लोग पुलिस पर अपने मित्र की तरह भरोसा कर सकें। राजधानी रायपुर में कानून व्यवस्था की चुनौतियों को लेकर नई एसपी ने कहा कि चुनौतियां तो हर जगह होती हैं, बस उन चुनौतियों से निपटने के लिए कड़ी मेहनत और मनोबल की जरूरत होती है। इन दो चीजों के दम पर किसी भी चुनौती से पार पाया जा सकता है।

Spread the love