April 16, 2021

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रायपुर में अपने किस्म की देश की पहली घटना, कुत्ते और बिल्ली को गोद दिलाने के बाद अब मेनका गांधी की संस्था पीपल फ़ॉर एनीमल्स नें मुर्गी के चूजे को भी गोद दिलाया

रायपुर (सुयश ग्राम) मेनका गांधी की राष्ट्रीय संस्था पीपल फ़ॉर कि रायपुर ब्रांचा को पिछले 4 वर्षों से सड़क के घायल , बीमार लावारिस प्राणियों की मदद कर रहा है । यह संस्था कस्तूरी बल्लाल द्वारा चलित है। इस संस्थान में शहर के कई जीव प्रेमी जुड़े हुए है और अब तक 100 से भी ज्यादा देसी नस्ल के डॉगी व बिल्ली अच्छे घरों में गोद दिए जा चुके है।

संस्थान के पास कही से भटका हुआ मुर्गी का आ गया था , संस्थान के अन्य मेंबर्स अपने घर में कुत्ते या बिल्ली होने की वजह से इसे नही रख पाए रहे थे। मुर्गी के चूज़े के बारे में फेसबुक पर डाला तोह इस चूज़े को भी गोद लेने के लिए होड़ बज गई, बहुतों ने फ़ोन किया। आखरी में यह चूज़ा उदिता गुंडेगाओंकार द्वारा गोद लिया गया व परिवार के सदस्य के तरह पाला जा रहा है। उदिता आश्वस्त किया है की इस चूजे को वह बड़ा करेंगी और किसी भी रुप से उसका उपयोग मांस के लिए नहीं किया जाएगा.

कस्तूरी बलाल ने बताया की मुर्गी को केवल मांस के लिए खाया जाने वाले प्राणी समझा जाता है , जब कि मुर्गी बेहद होशियार होती है। वह 100 मुर्गियों में अपने परिवार को पहचान सकती है, 24 से भी ज्यादा आवाज़ निकल कर अपने साथियों को ख़तरे से आगाह करती है व इंसानो की तरह सपने भी देखती है। रिसर्च व स्टडी के अनुसार मुर्गियों को इंसान के बच्चों से भी ज्यादा अकलमंद बताया गया है। बाकी दूसरे जानवरों की तरह यह ब्लैक एंड वाइट नहीं बल्कि इंसानो की तरह हर रंग देख सकती है।
जीवों के प्रति प्रेम व सद्भावना रखना व लोगों की मानसिकता को बदलना हमारी कोशिश है।

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