January 19, 2021

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रायपुर में दूषित जल प्रदाय करने का मामला , हाई कोर्ट की फटकार- एक दूसरे पर आरोप लगाने से नहीं समन्वय से होगा काम, शुक्रवार को 4 विभागों के अधिकारी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित के लिए तलब

रायपुर/बिलासपुर।एसजी न्यूज। नगर निगम द्वारा रायपुर में दूषित पानी पिलाए जाने और पीलिया से हुई मौतों के संबंध में दायर की गई मुकेश देवांगन की याचिका पर सुनवाई करते हुए आज छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश टी बी राधाकृष्णन तथा न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू की युगलपीठ ने आदेशित किया कि रायपुर में मोवा के नर्मदा पारा इत्यादि क्षेत्र में टैंकरों से पानी सप्लाई जारी रहेगी।

कोर्ट ने कहा की टेंपरेरी व्यवस्था नहीं परमानेंट सलूशन निकालना पड़ेगा और इसलिए एक दूसरे पर आरोप लगाने से नहीं समन्वय से काम करने से ही अच्छे नतीजे आएंगे।

प्रकरण की अगली सुनवाई 22 जून को होगी कोर्ट ने आदेशित किया किने नेशनल हेल्थ मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना, डिजास्टर मैनेजमेंट के एग्जिक्यूटिव अधिकारी उस दिन व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित रहे।

इस बीच न्याय मित्रों की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि कुछ स्थानों जैसे मध्यप्रदेश में खंडवा में वर्ष 2009 से ही पानी की सप्लाई तृतीय पक्ष द्वारा की जा रही है जिसके अच्छे नतीजे आए हैं।

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