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वन विभाग को प्रभारी वनमंडल अधिकारी कर रहे बर्बाद??? वन मंत्री को भी नहीं पता क्या खेल कर रहे हैं आला अधिकारी… वन विभाग की आँखों के सामने तड़पकर हुई हाथी की मौत….

संदीप तिवारी, रायपुर, 28 फरवरी 2019। सभी को पता है वन विभाग के क्या हालत हैं, लेकिन कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल में कीचड़ में फसे एक हाथी की मौत ने न केवल पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है बल्कि वन विभाग की पोल खोल दिया है. दो दिन तक हांथी के कीचड में फसे होने और लगातार मीडिया में खबर छपने के बाद भी कटघोरा वनमंडल में पदस्थ प्रभारी/संलग्न वनमंडल अधिकारी डी. डी. पंत घटना घटना स्थल नहीं पहुंचे। हाथी को न तो खाना न पानी मुहैय्या कराया गया न ही मेडिकल सुविधा मुहैय्या करा सके. इसे अधिकारी की असंवेदनशीलता कहें, लापरवाही कहें या उनकी योग्यता पर सवाल उठाये?? लेकिन कोई योग्य और संवेदनशील अधिकारी होता तो वह अपने ऊपर के अधिकारियों और अन्य प्रदेशों में हुई घटनाओ से जानकारी लेकर निश्चित ही उसे बचाया जा सकता था. इस प्रकार की कई घटनाये पहले भी हुई हैं और हाथियों को बचाया जा सका है. गूगल में ही कई घटाए खोजी जा सकती है जिसमे ऐसी परिश्थिति में हाथियों को बचाया गया है.

अधिकारीयों की योग्यता पर उठ रहे सवाल???

प्रभारी वनमंडल अधिकारियों के निर्णय की वजह से वन विभाग को बार-बार न केवल सर्मिन्दा होना पड़ रहा है बल्कि प्रदेश के वन और वन्य प्राणियों को भी अच्छा खासा नुक्सान हो रहा है. जिसके कुछ हाल के उदाहरण शामिल हैं जिनमे महासमुंद के प्रभारी/संलग्न वनमंडलाधिकारी मयंक पांडेय ने जनता को हाथी से बचाने के लिए लगभग 700 एकड़ की झाडिया ही कटवाने को तैयार हो गए थे. मीडिया में विरोध होने के बाद कार्यवाही रोकी गई. इसके अलावा पूरे प्रदेश को हिला देने वाली खबर उदंती सीतानदी और इंद्रवादी आरक्षित क्षेत्र से आई, जहा उड़ीसा से लोग आकर कब्ज़ा कर लिए और बड़े हिस्से का जंगल बर्बाद कर दिए. यहाँ अधिकांश समय में प्रभारी अधिकारी ही रहे जिसका खामियाजा वन और वन्य प्राणियों को उठाना पड़ा.

कैडर पोस्ट पर प्रभारी अधिकारियों को बैठाकर करा रहे काम

हाल ही में वन विभाग में थोक के भाव ट्रांसफर पोस्टिंग हुई जिसमे 15 से अधिक वन मंडल में प्रभारी/संलंग्न वनमंडल अधिकारी बनाये गए. यानि कैडर पोस्ट में, जो भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के लिए सृजित है वहां स्टेट कैडर के एसडीओ को प्रभारी/संलग्न कर वनमंडलाधिकारी बनाया गया. हालाँकि भारतीय वन सेवा (कैडर) नियम 1966 की धारा 9 के अनुसार 3 माह से ज्यादा गैर कैडर को नहीं रख सकते है. अगर केंद्र से अनुमति लेकर 3 माह और बढ़ाया जा सकता है. लेकिन 6 माह से अधिक नहीं।

क्या हो रहा कैडर के साथ खेलकूद, विभाग के मंत्री भी अनजान!

प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत शासन के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (Department of Personnel and Training-DOPT) की अधिसूचना द्वारा अधिसूचित छत्तीसगढ़ राज्य में भारतीय वन सेवा संवर्ग में वन मण्डलाधिकारियों के 34 स्वीकृत कैडर पद है. जिनमे से 16 कैडर पदों पर छत्तीसगढ़ में पहली बार नान कैडर अधिकारियों की पदस्थापना की गई है. जो स्वीकृत पद का 47 प्रतिशत है। यह खेल कूद शायद वनमंत्री को भी नहीं पता की कुछ आला अधिकारियों ने अपनों को उपकृत करने ऐसा खेल कर दिया। इस पदस्थापना के बाद विभाग में भी जमकर आपस में नाराजगी है. पूरे प्रदेश में यह सभी को मालूम है कि वनमंत्री मोहम्मद अकबर ट्रांसफर पोस्टिंग के काम से दूर रहते है जिसका फायदा विभाग के अधिकारीयों ने उठाकर खेल कर दिया।

कहा पर कौन है प्रभारी है नॉन कैडर का अधिकारी
विभाग के ट्रांसफर आदेशों और प्राप्त जानकारी के अनुसार-

  1. वन मण्डलाधिकारी, कटघोरा श्री डी.डी. सन्त फरवरी 2019 प्रभारी व.म.अ.
  2. वन मण्डलाधिकारी, बीजापुर श्री डी.के. साहू अगस्त 2019 प्रभारी व.म.अ.
  3. वन मण्डलाधिकारी, प. भानुप्रतापपुर श्री आर.सी. मेश्राम अगस्त 2019 उप व.म.अ.
  4. वन मण्डलाधिकारी, दुर्ग श्री विवेक शुक्ला अगस्त 2019 संलग्नाधिकारी
  5. वन मण्डलाधिकारी, महासमुंद श्री मयंक पाण्डेय अगस्त 2019 संलग्नाधिकारी
  6. वन मण्डलाधिकारी, बिलासपुर श्री सत्यदेव शर्मा अगस्त 2019 संलग्नाधिकारी
  7. वन मण्डलाधिकारी, जांजगीर-चाम्पा श्री जितेन्द्र कुमार उपाध्याय अगस्त 2019 अनुदेशक
  8. वन मण्डलाधिकारी, केशकाल श्रीमती शमा फारूखी अगस्त 2019 संलग्नाधिकारी
  9. वन मण्डलाधिकारी, सुकमा श्री सी.एस. स्वरूप अगस्त 2019 संलग्नाधिकारी
  10. वन मण्डलाधिकारी, नारायणपुर श्री डी.के.एस. चौहान अगस्त 2019 संलग्नाधिकारी
  11. वन मण्डलाधिकारी, मरवाही श्री आर.के. मिश्रा अगस्त 2019 संलग्नाधिकारी।
  12. वन मण्डलाधिकारी, दन्तेवाड़ा श्री मोहन सिंह नायक अगस्त 2019 उप व.म.अ.
  13. वन मण्डलाधिकारी अनुसंधान विस्तार, जगदलपुर श्री डी.के. मेहर अगस्त 2019 सहायक वन संरक्षक
  14. वन मण्डलाधिकारी, काँकेर श्री आर.एस. मंडावी अगस्त 2019 उप व.म.अ.
  15. उप संचालक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व श्री अशोक पटेल अगस्त 2019 सहायक संचालक
  16. वन मण्डलाधिकारी, दन्तेवाड़ा श्री अनवर अगस्त 2019 सहायक वन संरक्षक

प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानांतरण आदेशों का सर्वाधिक आश्चर्यजनक एवं दुखद पहलू यह है कि व.म.अ. स्तर के कैडर अधिकारियों को छांट-छांटकर ऐसे एक्स कैडर पदों पर पदस्थ किया गया है जो संबंधित विभागों के सेट-अप में स्वीकृत भी नहीं हैं। सभी के पद और नाम की चर्चा जरुरी नहीं है लेकिन वन विभाग के आला अधिकारी विभाग में जंगल राज ला दिए है. जिसका नुकसान निःसंदेह वन और वन्य प्राणियों को हो रहा है.

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