January 22, 2021

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विधानसभा 2018-कसडोल: गौरीशंकर अग्रवाल के सामने हो सकते है महंत रामसुंदर दास

रायपुर/बलोदाबज़ार (एसजी न्यूज़) विधानसभा चुनाव जैसे नजदीक आ रहा है सियासी शतरंज बिछाए जा रहे है। इसी कड़ी में इस बार हम पहुचे हैं वीआईपी सीट बलोदाबज़ार की कसडोल विधानसभा क्र. 44. यहाँ से 2013 के विधानसभा चुनाव में वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कांग्रेस के दिग्गज राजकमल सिंघानिया को शिकस्त देकर फतह हासिल किया था। इस बार समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं, अगर कांग्रेस सूत्रों और विधानसभा में बढती सक्रियता की माने तो गौरीशंकर अग्रवाल के सामने महंत रामसुंदर दास हो सकते हैं। इसमें कोई दो मत नहीं है कि महंत रामसुंदर दास की छवि साफ़ सुथरी और संत की है, संत होने के साथ साथ बड़े सामजिक कार्यकर्त्ता भी हैं। कसडोल से लगा क्षेत्र जैजेपुर से 2008 में विधायक निर्वाचित हो चुके है. राजनीति में अच्छी पकड़ रखते हैं, पार्टी से अलग उनकी छवि है जिसमे सभी पार्टी के नेता उनका मान सम्मान भी करते हैं हालाँकि पिछली विधानसभा का चुनाव जैजेपुर से हार गये थे. जैजेपुर से खुद वह चुनाव दुबरा नहीं लड़ना चाहते थे अन्य विधानसभा से लड़ने की इच्छा जताई थी किन्तु पार्टी ने उन्हें उसी क्षेत्र के लिए चुना था। लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार पार्टी ने उन्हें कसडोल विधानसभा के लिए हरी झंडी दे दी है। संभवतः पार्टी से हरी झंडी मिलने के बाद ही महंत जी ने इस विधानसभा में अपने दौरे और कार्यक्रम बढ़ा दिए हैं। विधानसभा क्षेत्र के दौरे और कार्यकम में जनता का अच्छा सहयोग देख क्षेत्र के कांग्रेसी भी उत्साहित हैं, यह मान रहे हैं कि अगर महंत जी कसडोल से चुनाव लड़ते है तो गौरीशंकर अग्रवाल को कड़ी टक्कर दे सकते है। हालाँकि अभी चुनाव में समय है,कई उलटफेर होते रहेंगे। अगर यहाँ से महंत जी को टिकट मिलता है राजकमल सिंघानिया को कांग्रेस कहा से टिकट देगी ये भी देखना होगा।खबरियों का मानना है कि राजकमल सिंघानिया को भाटापारा विधानसभा भेजा जा सकता है. शायद खुद राजकमल सिघनिया की भी यही मांग है हालाँकि अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
अगर वोटों का आंकड़ा देखे तो पिछले विधानसभा में गौरीशंकर को 93 हजार वोट मिले थे जबकि राजकमल सिंघानिया को 70 हजार वोट ही मिले थे. लेकिन इस विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी का अच्छा ख़ासा जनाधार है बहुजन समाज पार्टी को भी इस सीट से 33 हजार वोट मिले थे. कांग्रेस और बहुजन में इस बार गठबंधन की बात चल रही है अगर ऐसा हुआ तो यहाँ पर कांग्रेस भारी पड़ सकती है.

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