छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Budget 2020: भूपेश सरकार ने पेश किया 1 लाख 2 हजार करोड़ रुपये का बजट, पढ़ें- किसे क्या मिला? संविदा संविदा शिक्षाकर्मियों का संविलियन और किसानो की धन खरीदी 2500 के लिए प्रावधान, किसान और शिक्षा कर्मी खुश…

रायपुर, 03 मार्च 2020. भूपेश बघेल सरकार ने छत्तीसगढ़ का बजट मंगलवार को विधानसभा के सदन में अपने कार्यकाल का दूसरा बजट पेश किया है. बतौर वित्त मंत्री भूपेश बघेल ने 1 लाख 2 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. भूपेश सरकार ने अपने बजट में हर वर्ग को संतुष्ट करने का प्रयास किया है, लेकिन विशेष फोकस किसानों पर ही रहा है. इसके अलावा शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बजट के विशेष प्रावधान सरकार ने करने का ऐलान किया है.

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत हर वर्ग को लाभ देने का प्रवाधान सरकार ने किया है. राज्य के 1 लाख 31 हजार शिक्षाकर्मियों को संविलियन किया चुका है. बचे हुए 16 हजार शिक्षाकर्मियों में से 2 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षाकर्मियों का 1 जुलाई 2020 से संविलियन किया जाएगा.

आइए जानते हैं कि भूपेश सरकार के इस बजट में किस वर्ग को क्या मिला है?

किसानों के लिए 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने का वादा

धान के समर्थन मूल्य को लेकर केन्द्र और राज्य सरकार के बीच मचे घमासान का समाधान राज्य सरकार ने अपने बजट में कर दिया है. समर्थन मूल्य के अंतर की राशि देने के लिए सरकार ने प्रदेश में राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू करने का ऐलान किया है. इस​के तहत बजट में 5 हजार 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. राज्य सरकार ने प्रदेश के किसानों से 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने का वादा किया है. इस योजना में इसका लाभ दिया जाएगा.

स्टूडेंट्स के लिए-सरकार भरेगी आईआईटी, एम्स और आईआईएम की फीस

बजट में भूपेश बघेल सरकार ने केन्द्रीय शिक्षण संस्थानों के लिए चयनित प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए विशेष योजना का ऐलान किया है. इसके तहत आईआईटी, एम्स और आईआईएम जैसी संस्थाओं में चयनित छत्तीसगढ़ के मूल निवासी विद्यार्थियों की शैक्षणिक शुल्क प्रदेश सरकार वहन करेगी. बजट में इसके लिए अलग से प्रावधान किया गया है. ऐसे चयनित विद्यार्थियों का शासकीय व अशासकीय संस्थाओं में सीधे चयन किया जाएगा. इसके अलावा एमसीआई के मापदंड के अनुसार मेडिकल कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर व संसाधनों के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

नए कॉलेज खोले जाएंगेबेमेतरा, जशपुर, धमतरी एवं अर्जुन्दा, जिला बालोद में उद्यानिकी महाविद्यालय और लोरमी में कृषि महाविद्यालय की स्थापना के लिए नवीन मद में 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में खाद्य प्रौद्योगिकी की स्थापना की जाएगी. बेमेतरा एवं तखतपुर में डेयरी डिप्लोमा महाविद्यालय की स्थापना के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान है. मछली पालन के क्षेत्र में रोजगार की संभावना को देखते हुए युवाओं को डिप्लोमा पाठ्यक्रम के अध्यापन हेतु ग्राम राजपुर (धमधा) में फिशरीज पाॅलिटेक्निक की स्थापना की जाएगी. 9 पशु औषधालयों को पशु चिकित्सालय में उन्नयन, 12 नवीन पशु औषधालय और 5 विकास खंडों में मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई स्थापित की जाएगी.

स्वास्थ्य के लिए – 50 हजार तक कैशलेस इलाज की सुविधा

डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में प्राथमिकता एवं अंत्योदय राशन कार्डधारी परिवारों को 5 लाख रूपये एवं सामान्य राशन कार्ड वाले परिवारों को 50 हजार तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने का प्रावधान है. इससे लगभग 65 लाख परिवारों को इलाज की पात्रता व इसके लिए 550 करोड़ का प्रावधान है. मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत गंभीर बीमारियों के उपचार पर 20 लाख तक के व्यय के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान है. मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना में 13 करोड़ का प्रावधान है. राज्य सिकलसेल संस्थान में उच्च स्तरीय प्रयोगशाला एवं सभी जिला अस्पतालों में सिकलसेल यूनिट की स्थापना की जाएगी.

कृषि- सिंचाई के लिए रखा गया है ये लक्ष्य

बस्तर संभाग में बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना से 2 लाख 66 हजार हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया है. पैरी बांध एवं पैरी-महानदी इंटर लिंकिंग नहर परियोजना के लिए 20 करोड़, डांडपानी वृहत जलाशय परियोजना, कुनकुरी के लिए 20 करोड़ एवं शेखरपुर वृहत जलाशय, सरगुजा के लिए 20 करोड़ का नवीन मद में प्रावधान है. नाबार्ड सहायित सिंचाई परियोजनाओं हेतु 697 करोड़, महानदी परियोजना हेतु 237 करोड़, लघु सिंचाई परियोजनाओं हेतु 610 करोड़ तथा एनीकट/स्टाप डैम निर्माण के लिए 173 करोड़ का प्रावधान है. कमाण्ड क्षेत्र में सिंचाई की पूर्ति के लिए भी 116 करोड़ का प्रावधान है.

युवाओ लिए- 65 करोड़ प्रावधान
युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत स्वामी विवेकानंद जी के रायपुर स्थित निवास स्थान डे-भवन को स्वामी विवेकानंद स्मृति संस्थान के रूप में विकसित किया जायेगा. राजीव युवा मितान क्लब योजना के लिए नवीन मद में 50 करोड़ का प्रावधान है. युवा महोत्सव के लिए नवीन मद में 5 करोड़ का प्रावधान है. खेल संबंधी नीतिगत निर्णय, विभिन्न विभागों से समन्वय, खेल अधोसंरचनाओं का रख-रखाव तथा आवासीय खेल अकादमी के संचालन हेतु छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है. मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के लिए नवीन मद में 10 करोड़ का प्रावधान है.

व्यापर-उद्योग को विशेष छूट

नई औद्योगिक नीति 2019 का मुख्य उद्देश्य समावेशी विकास, आत्मनिर्भरता एवं परिपक्व अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है. उद्योगों के लिये आवंटित किये जाने वाले भू-खण्ड की दरों में 30 प्रतिशत तथा लीज की दर में 33 प्रतिशत कमी की गई है. अनुसूचित जनजाति बाहुल्य बस्तर क्षेत्र में 20 एकड़ तक के निजी औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की अनुमति देते हुए अधोसंरचनात्मक विकास कार्याें के विरूद्ध 4 करोड़ तक का अनुदान देने का प्रावधान है. राज्य में उत्पादित सब्जी, फल एवं मोटे अनाजों को प्रसंस्कृत कर मूल्य संवर्धन की दृष्टि से उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए नये फूड पार्क की स्थापना हेतु नवीन मद में 50 करोड़ का प्रावधान है. उद्योगों की स्थापना पर दी जाने वाली लागत पूंजी अनुदान के लिये 100 करोड़ एवं ब्याज अनुदान के लिये 39 करोड़ का प्रावधान है.

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