June 21, 2021

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बदनामी उठायें मुख्यमंत्री एवं वनमंत्री……गलत करें विभाग के अधिकारी ???… छत्तीसगढ़ बायोडायवर्सिटी बोर्ड फिर विवादों के घेरे में….. जो चिड़िया देश में नहीं उसकी फोटोग्राफी के लिए दे दिया अवार्ड साथ चहेती आईएफएस को ही प्रथम पुरुस्कार ??? विवाद के बाद आनन फानन में वापस लिए पुरुस्कार

रायपुर, 26 मई 2021, छत्तीसगढ़ बायोडायवर्सिटी विभाग के अधिकारियों के कारनामे ने मुख्यमंत्री और वनमंत्री को फिर से असहज कर दिया है चारो तरफ जमकर विभाग की आलोचना हो रही है। दरअसल छत्तीसगढ़ बायोडायवर्सिटी बोर्ड ने छत्तीसगढ़ की बायोडायवर्सिटी पर फोटोग्राफी और पोस्टर लेखन सहित कई केटेगरी में अवार्ड की घोषणा की थी। 22 मई को इसकी घोषणा होनी थी जो कुछ कारणों से देरी में हुई लेकिन जिनको यह अवार्ड दिया गया वो सभी विवादों के घेरे में आ गए है। वर्तमान में बोर्ड के प्रमुख आईएफएस अरुण पांडेय है। इसके पहले भी गिधवा में पक्षी महोत्सव मनाकर पक्षियों के बीच मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर उतरवा दिए थे जिसके बाद पक्षी और पर्यावरण प्रेमियों ने जमकर आलोचना की थी तथा कई लोग कार्यक्रम से दूरी बना लिए थे।

जो चिड़िया देश में नहीं उसके लिए छत्तीसगढ़ बायोडायवर्सिटी में दिया अवार्ड
विभाग का अवार्ड उस समय विवाद में आ गया जब तीन विजेताओं में से जिस चिड़िया के लिए अवार्ड दिया गया वह भारत देश में पाई नहीं जाती लोगों ने गूगल से सर्च कर उसकी फोटो भी डाली और विभाग को जमकर कोसने लगे। अवार्ड में मुख्यमंत्री और वनमंत्री की फोटो भी लगाई गई है।

आनन फानन में विभाग ने यह अवार्ड की फोटो अपने फेसबुक साइट से हटा दिया और नोटिस लगा दिया “फोटोग्राफी प्रतियोगिता के परिणामों को तकनीकी कारणों की वजह से अभी स्थगित किया गया हैं। पूर्व में जारी किए गए परिणामों में कोडिंग त्रुटियाँ होने के कारण कमिटी द्वारा पुनः जांच कर जल्द परिणाम घोषित किया जाएगा।”

जज कमिटी को लोग कोस रहे जबकि उसकी अनुशंसा अधिकारियों ने मानी ही नहीं
अब सोशल मीडिया में फोटोग्राफी के लिए विजेता चयन करने वाली कमिटी और जज को कोस रहे हैं जबकि विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिन पांच फोटो को चयन कमिटी ने अनुशंसा किया था उनमे से अधिकारियों ने किसी को अवार्ड देने के लिए नहीं चुना।

प्रथम पुरुष्कार अवार्ड खुद के आईएफएस अधिकारी को ही दे दिए
लोग इस बात पर भी ऊँगली उठा रहे हैं कि फोटोग्राफी के लिए प्रथम पुरुष्कार जिसको दिया गया वह खुद वन विभाग में पदस्थ अधिकारी है। विजया रात्रे कांगेर वैल्ली राष्ट्रीय उद्यान में डिप्टी डायरेक्टर है। इनके पिता जी भी वन मुख्यालय में पदस्थ आईएफएस अधिकारी हैं। हालाँकि फोटो कोई भी निकाल सकता है। विभाग के अधिकारी को अवार्ड दिए जाने के कारण लोग जरूर सवाल कर रहे हैं।

शाम को मेल कर 6 घंटे के भीतर रात 12 बजे तक प्रतियोगियों से मांगे रिकॉर्ड
बदनामी से बचने के लिए विभाग ने आनन फानन में अवार्ड निरस्त कर 25 मई की शाम 17.32 मिनट पर बोर्ड ने प्रभागियों को मेल कर उसी रात 12 बजे तक तक फोटो की डिटेल मांगी है। शायद कई लोग रात में मेल चेक भी नहीं कर पाए होंगे जवाब कहा से देंगे इस पर भी लोगों ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

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