छत्तीसगढ़

ये भ्रष्टाचार की ट्रेनिंग देने वाले रशिक बीएमओ डॉ अमृत जो रात को महिला कर्मचारियों से वीडियो कॉल करने देते हैं दबाव….ऐसा नहीं करने पर किया जाता है महिलाओं को प्रताड़ित… लिखित में हों चुकी शिकायत…कार्यवाही का पता नहीं…

रायपुर/महासमुंद, 2 अगस्त 2020. हाल ही में भ्रष्टाचार की ट्रेनिंग देने और शासकीय धन के गबन के तरीके बताने वाले विख्यात महासमुंद जिले के सराईपाली जिले के बीएमओ डॉ अमृत रोहलडर के कर्म यहीं तक नहीं रुकते हैं. बीएमओ का रशिक अंदाज पूरे क्षेत्र में फेमस है. इनके क्षेत्र में वाली महिला नर्स और नीचे तबके के डरे सहमे हैं.

दरअसल रसिक डॉक्टर महिला स्टाफ को देर रात को 10-11:00 बजे वीडियो कॉल करके बात करने के लिए दबाव डालते हैं. कोई बात नहीं माने तो उसे अटेंडेंस लगाने का बहाना बताते हैं. कि वह कहां पर है यह जानने के लिए वीडियो कॉल करा रहे हैं। इतना ही नहीं मातहत सुपरवाइजर को बोल कर महिलाओं को वीडियो कॉल कराने को बोलते हैं. सुपरवाइजर के मना करने के बाद खुद भी डायरेक्ट बोलते हैं.

एसडीएम को हो चुकी है शिकायत
देर रात विडियो काल करने को दवाब बनाने की बात को लेकर महलाओं ने एसडीएम को पहले शिकायत भी कर चुकी हैं जिसकी प्रतियां एसजी न्यूज़ के पास मौजूद हैं. हालांकि बीएमओ के खिलाफ कई शिकायत और प्रकरण होने के बाद भी कार्यवाही कोई भी अधिकारी नहीं करता है. अगर सूत्रों की माने तो तो डॉक्टर का कहना है कि एसडीएम तो बहुत छोटा है कलेक्टर की हिम्मत नहीं है मेरे खिलाफ कार्यवाही करने की. मेरी सेटिंग मंत्रालय में सेक्रेटरी तक है. जितना शिकायत करना है करते रहे हैं. हालाँकि ये बात कर्मचारियों की आपस में कहासुनी है.

बीएमओ बोलते हैं महिला स्टाफ को देर रात विडिओ काल करने को: राम बाबू कुर्रे, (आर.एम.ए.)
एसज़ी न्यूज़ ने राम बाबू कुर्रे, (आर.एम.ए.) से बात कर मामले की जानकारी चाही कि क्या बीएमओ महिलाओं को रात को वीडियो कॉलिंग करने के लिए बोलते हैं? राम बाबू कुर्रे ने स्वीकार किया कि बीएमओ मुझसे महिलाओं को वीडियो कॉल कराने के लिए कहते हैं इसके लिए मैं कई बार मना भी कर चुका हूं लेकिन वह नहीं मानते हैं. खुद ही कॉल करके महिलाओं को विडिओ काल करने बोलते है. इसकी शिकायत भी महिलाओं ने किया है.

कॉल नहीं करने पर मानसिक प्रताड़ना
इतना ही नहीं कुछ महिलाओं का कहना है जो दबाव नहीं मानता है उसको अलग-अलग तरीके से प्रताड़ित करते हैं. प्रताड़ित करने का बहाना ढूंढते रहते हैं यह किसी एकमात्र महिला की कहानी नहीं है क्षेत्र में काम करने वाली नर्स और अन्य स्टाफ बीएमओ के इस तरह के व्यवहार से प्रताड़ित है लेकिन शिकायत होने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होने से स्टॉप डरा हुआ है कि आखिर शिकायत करके भी क्या करेंगे अगर कोई कार्यवाही नहीं होगी। हमारी नौकरी भी खा लेंगे और हम कुछ कर भी नहीं पाएंगे कर्मचारियों का यह डर भी सही है क्योंकि पहले जो शिकायत हुई है उसकी कोई जांच तक नहीं हुई है.

इस तरह नहीं है कोई आदेश, शिकायत मिलेगी करेंगे कार्यवाही: सीएमएचओ डॉ एस. पी. वारे
महासमुंद जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एस. पी. वारे से एसजी न्यूज़ ने जानना चाहा कि क्या इस प्रकार का कोई आदेश है कि नर्स और अन्य प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में जो महिला कार्यरत हैं, उन्हें रात को वीडियो कॉल करके बीएमओ को रिपोर्ट करना होगा? सीएमएचओ ने साफ़ का इस प्रकार का कोई आदेश नहीं है और हमारे पास शिकायत नहीं आई है अगर शिकायत आएगी तो कार्यवाही करेंगे।

बीएमओ ने नहीं रखा अपना पक्ष
एसजी न्यूज़ ने बीएमओ डॉ अमृत से उनका पक्ष जाने के लिए फ़ोन और व्हाट्सअप में संपर्क किया लेकिन उन्होंने न ही फ़ोन उठाया नहीं ही व्हाट्सअप में सन्देश पढ़ने के बाद अपना कोई पक्ष रखा.

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