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ब्रेकिंग न्यूज़: छत्तीसगढ़ में सोमवार से हाई कोर्ट के साथ सभी कोर्ट होंगे शुरू…. लेकिन कई पाबंदियों के साथ.. जानिए किन प्रकरणों की होगी सुनवाई, …

रायपुर/बिलासपुर 16 मई 2020. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर हाईकोर्ट के साथ प्रदेश के सभी न्यायालय को सामान्य रूप से नियमित कार्यवाही के लिए खोलने कहां है. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश में कहा गया है कि 18/05/2020 से सीमित केसों के साथ (जिसमें नए केस और 5 साल से अधिक केस) की सुनवाई शुरू की जाएगी।

बता दें कि 18/05/2020 से 12/06/2020 तक कोर्ट में ग्रीष्मकालीन अवकाश था लेकिन उसे कैंसिल कर दिया गया है. अब इस दौरान ही कोर्ट की सुनवाई नियमित रूप से होगी.

हाईकोर्ट के आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 के महामारी से बचाव के उपायों के साथ छत्तीसगढ़ सरकार के गाइडलाइन का भी पालन किया जाए.

हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए दिशानिर्देश-
1. सीमित संख्या में पैसों की सुनवाई होगी (5 साल से अधिक के केसों को सुनवाई के लिए रखा जाएगा)
2. ई फाइलिंग के तहत वकील के प्रकरण को रजिस्टर करा सकेंगे.
3. थर्मल चेकिंग करानी होगी।
4. फेस मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा वायलेशन पाए जाने पर प्रवेश रोका जा सकता है.
5. बिना काम के अनुचित इधर-उधर घूमना/थूकना पूर्णतया प्रतिबंधित होगा.
6. केवल उन्ही वकीलों को प्रवेश दिया जाएगा जिनके केस की सुनवाई होगई या उन्हें केस रजिस्टर कराना हो.
7. किसी केस में सुनवाई के लिए सिर्फ दो वकीलों का प्रवेश होगा. AG/ASG कार्यालय के लिए लागू नहीं होगा.
8. याचिकाकर्ता को प्रवेश करने की तब तक अनुमति नहीं होगी जब तक कि कोर्ट स्वयं उपस्थित होने के लिए ना कहे. AG/ASG कार्यालय के लिए लागू नहीं होगा।
9. फोटो कॉपी और टाइपिस्ट करने वालों की एंट्री नहीं होगी.
10. चाय, काफी रेस्टोरेंट सभी प्रकार से बंद रहेंगे सिर्फ वॉटर डिस्पेंसर चालू रहेगा.

निचली अदालतों में सुनवाई के लिए दिशानिर्देश

ग्रीन और ऑरेंज जोन में:
1. सीमित प्रकरणों के साथ सुनवाई होगी (नए केस और 5 साल से ऊपर के केस प्राथमिकता में होंगे)

2. न्यायालय खुलने का समय:
A. HJS कोर्ट – 11:00 बजे से 2:00 बजे तक
B. LJS कोर्ट – 2:00 बजे से 5:00 बजे तक

रेड जोन में
रेड जोन में निचली अदालतें पहले की तरह लॉक डाउन में कार्य करती थी वैसे ही करती रहेंगी.

गवाही
जरुरी नहीं होने पर गवाही को स्थगित रख सकते हैँ.

COVID19 के बचाव हेतु
सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्कैनिंग, हाइजीन जैसे समस्त नियमों का पालन करना होगा। हाईकोर्ट की तरह ही निचली अदालतों में भी उन्हीं वकीलों को प्रवेश दिया जाएगा जिनके केस रजिस्टर्ड होंगे। एक केस में दो ही वकीलों का अंदर प्रवेश हो पाएगा। याचिकाकर्ता को तब तक नहीं बुलाया जाएगा या अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक कोर्ट स्वयं आदेश ना करें। फोटो कॉपी और टाइपिस्ट की इंट्री बंद रहेगी।

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