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COVID19: कोरोना से लड़ने लड़ने के लिए फण्ड जुटाने 30% की जगह 40% इनकम टैक्स लेने का सुझाव, 4% कोविड रिलीफ सेस लगाने की भी सिफारिश!

दिल्ली, 26 अप्रैल 2020. कोरोना से लड़ाई में राशि जुटाने के लिए हाल ही में केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी को 30 जून 2021 तक रोक दिया है। इस कदम से सरकार को 37 हजार करोड़ रुपए की बचत का अनुमान जताया गया है। इसी बीच सीनियर राजस्व अधिकारियों ने ज्यादा कमाने वालों और विदेशी कंपनियों से ज्यादा टैक्स की वसूली की सिफारिश की है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, टैक्स अधिकारियों ने कोरोना से लड़ाई में शॉर्ट और मीडियम टर्म में नकदी का इंतजाम करने के लिए यह सुझाव दिए हैं। राजस्व अधिकारियों ने फिस्कल ऑप्शंस एंड रेस्पॉन्स टू द कोविड-19 एपेडमिक (फोर्स) नाम से एक पेपर तैयार किया है। इंडियन रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) एसोसिएशन ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) के चेयरमैन पीसी मोदी को यह पेपर सौंप दिया है। अगर यह सिफारिस मंजूर हो जाती है तो समझिये किसको कितना टैक्स देना होगा।

सुपर रिच पर लगे 40 फीसदी टैक्स
पीटीआई के अनुसार सिफारिश में कहा गया है कि शार्ट टर्म के लिए (3 से 6 महीने) के लिए सुपर रिच स्लैब को मौजूदा 30 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया जाये। यानी सालाना 1 करोड़ या इससे ज्यादा की कमाई वालों पर 30 फीसदी की बजाए 40 फीसदी टैक्स लगाया जाएगा। आपको बता दें कि जिनकी व्यक्तिगत कर योग्य आय सालाना 1 करोड़ रुपए से ज्यादा होती है उन्हें सुपर रिच की श्रेणी में माना जाता है।

वेल्थ टेक्स को फिर से लगाया जाए
5 करोड़ या इससे ज्यादा की कमाई वालों के लिए वेल्थ टेक्स को फिर से लगाया जाए। सिफारिस में कहा गया है कि 2021 के बजट में सुपर रिच पर लगाए गए सरचार्ज से मात्र 2700 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने का अनुमान है। इसीलिए सुपर रिच पर टैक्स स्लैब को बढ़ाने की सिफारिश की गई है।

अल्ट्रा रिच के के लिए भी दिए सुझाव
सिफारिशी रिपोर्ट में अल्ट्रा-रिच पर एक तय समयसीमा में टैक्स लगाने के दो विकल्प सुझाए हैं-
पहला सुझाव– यह है कि सालाना 1 करोड़ से ज्यादा आय वालों के लिए अधिकतम कर के स्लैब को मौजूदा 30 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया जाए।
दूसरा सुझाव– यह है कि जिनकी नेट वेल्थ 5 करोड़ रुपए या इससे ऊपर है, उन पर वेल्थ टैक्स फिर से लगाया जाए। मीडियम टर्म (9 से 12 माह).

विदेशी कंपनियों से ज्यादा सरचार्ज वसूली
देश में कारोबार कर रही विदेशी कंपनियों पर सरचार्ज बढ़ाने का सुझाव दिया है। मौजूदा समय में विदेशी कंपनियों पर 1 से 10 करोड़ पर 2 फीसदी और 10 करोड़ से ज्यादा की कमाई पर 5 फीसदी टैक्स लगता है।

4 फीसदी ‘कोविड रिलीफ सेस’
पेपर के अनुसार अधिकारियों के ग्रुप ने 4 फीसदी की दर से वन टाइम ‘कोविड रिलीफ सेस’ लगाने की सिफारिश की है। पेपर में आरंभिक अनुमान जताया गया है कि इस सेस से सरकारी खजाने में करीब 15 से 18 हजार करोड़ रुपए जमा होंगे।

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