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सूचना आयुक्त का पद भरने मुख्यमंत्री से माँग…सर्वोच्च न्यायालय के आदेश अनुसार खाली होने वाले सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति प्रक्रिया 2 माह पहले करनी है शुरू …..एक साल से है एक पद खाली, दूसरा दो माह बाद होगा रिक्त..

रायपुर 6 सितंबर, 2020, सूचना का अधिकार के कार्यकर्ता भाविन जैन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर निवेदन किया है कि छत्तीसगढ़ राज्य के सूचना आयुक्त मोहन पवार अक्टूबर 2020 में रिटायर हो रहे हैं एवं सुप्रीम कोर्ट ने अंजलि भारद्वाज के प्रकरण में आदेशित कर रखा है की सूचना आयुक्त का पद रिक्त होने के 2 माह पहले ही नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जानी चाहिए जो कि अभी तक चालू नहीं की गई है.

जैन ने पत्र लिखकर यह भी बताया है कि एक अन्य पद जो सूचना आयुक्त ए. के. सिंह के सेवानिवृत्त होने से खाली हुआ था वह भी एक साल खाली है.

सिर्फ आईएएस आईपीएस के लिए नहीं है यह पद
पत्र में बताया गया है कि अंजलि भारद्वाज प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय ने आदेशित किया है की सूचना आयुक्त का पद सिर्फ आईएएस और आईपीएस के लिए नहीं है. यह पद विधि, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, समाज सेवा, प्रबंध, पत्रकारिता, जनसंपर्क माध्यम या प्रशासन और शासन के क्षेत्र में व्यापक ज्ञान और अनुभव वाले व्यक्ति से भरा जाना चाहिए.

मुख्य शर्त है समाज में प्रख्यात व्यक्ति होना चाहिए
कोर्ट ने स्पष्ट कर रखा है कि सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति की मुख्य शर्त यह है कि उसे समाज में प्रख्यात होना चाहिए तथा वह निर्धारित क्षेत्र से ही होना चाहिए. जिस क्षेत्र में उसने व्यापक ज्ञान प्राप्त किया हो उसी क्षेत्र का अनुभव होना चाहिए.

आईएएस आईपीएस समाज में प्रख्यात व्यक्ति नहीं हो सकता

जैन ने पत्र में स्पष्ट किया है कि कोर्ट के पूर्व में दिए गए निर्णय के अनुसार समाज में प्रख्यात व्यक्ति वह हो सकता है जिसकी लोग छवि इस बात की हो कि उसने समाज के लिए योगदान किया हो और समाज को समाजिक कार्यों या उसके समान कार्य द्वारा योगदान किया हो.

सेवानिवृत्त आईएएस आईपीएस और आईएफएस समाज के लिए जो भी कार्य करते हैं उसके लिए वेतन पाते हैं. अपने स्वयं के पैसे से वह कोई सामाजिक योगदान नहीं करते. आईएएस आईपीएस तथा आईएफएस या अन्य शासकीय सेवक चाहे वह नौकरी में हो या सेवानिवृत्त उसे जनजीवन में प्रख्यात व्यक्ति सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी गई परिभाषा के अनुसार नहीं माना जा सकता.

पद की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करना अनिवार्य
कोर्ट ने आदेशित किया है की सूचना आयुक्त के पद की भर्ती विज्ञापन जारी करने के उपरांत की जावे.

राज्य सूचना आयोग में आयुक्त की नियुक्ति जल्द की जानी चाहिए, आयोग में प्रकरणो की लंबी लाइन है. एक पद खाली हुए साल भर हों गया दूसरा भी खाली हों जाने के बाद जनता की सुनवाई पर असर पड़ेगा. जल्द से जल्द ये पद भरने चाहिए. आरटीआई कार्यकर्त्ता उचित शर्मा

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