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नक्सली हमला: छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़; 5 नक्सली मारे गए

  • राजनांदगांव से सटे गढ़चिरौली जिले के कोसमी वन क्षेत्र में सी -60 कर्मियों के साथ मुठभेड़
  • मारे गए नक्सलियों में 2 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं, मारे गए नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं

छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर राजनांदगांव से सटे गढ़चिरौली जिले में रविवार तड़के सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें सुरक्षाबलों ने 5 नक्सलियों को मार गिराया। मारे गए नक्सलियों में 2 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं। जवानों ने नक्सलियों के शव बरामद कर लिए हैं। मामले की अधिक जानकारी पुलिस द्वारा शाम को दी जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, गढ़चिरौली जिले की पुलिस को पता चला कि नक्सली जंगलों में डेरा डाल चुके हैं। इस पर, एसपी अंकित गोयल के निर्देशन में और एडिशनल एसपी मनीष कलवानिया और डीएसपी भाऊसाहेब ढोले के नेतृत्व में C60 जवानों को रवाना किया गया। बताया जा रहा है कि रविवार को सुबह करीब 4 बजे नक्सलियों ने कोसमी के जंगल में अचानक गोलीबारी शुरू कर दी।

करीब एक घंटे तक मुठभेड़ चली, शवों की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है

इस पर जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। करीब एक घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली भाग निकले। गोलीबारी बंद होने के बाद जवानों ने तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान घटनास्थल से मारे गए नक्सलियों के शव और अन्य सामान बरामद कर लिया गया है। मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। नक्सलियों के शव को गढ़चिरौली के पुलिस कैंप में लाया गया है।

गढ़चिरौली की सी -60 फोर्स, द
सी -60 कमांडो फोर्स का गठन 1992 में बेहद घातक कमांडो नक्सल खतरों को ध्यान में रखते हुए किया गया था। इसमें 60 विशेष पुलिस बल के जवान शामिल हैं। यह काम गढ़चिरौली के बाद से एसपी केपी रघुवंशी ने किया था। सी -60 में शामिल पुलिसकर्मी भी गुरिल्ला युद्ध के लिए तैयार हैं। उन्हें हैदराबाद, बिहार और नागपुर में प्रशिक्षित किया जाता है। C-60 कर्मी अपने साथ लगभग 15 किलो वजन लेकर चलते हैं।

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