January 24, 2021

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Exclusive : पांच साल से अनियमित पदों को नियमित करने का आदेश खा रहा धूल, अनियमित कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन के बाद फिर पत्रों की लिखा पढ़ी हुए शुरू

रायपुर। ब्यास मुनि द्विवेदी। लालफीताशाही कहे या गुमराह करने की तरकीब, या फिर जब अपना पेट भरा हो तो दूसरे की चिंता क्यों करना?

इसका नायाब उदाहरण है अनियमित कर्मचारी। ये कई वर्षों से इस उम्मीद में लगे हैं कि आज नही तो कल नियमित हो जाएंगे और इन्हें भी बराबर का वेतन मिलेगा। इसी उम्मीद में कई की तो आधे से अधिक नौकरी पूरी हो गयी। एक ही काम के लिए दो अलग अलग वेतन क्यों? शासन के पास नियम है नियमित करने का फिर भी अधिकारियों ने आज तक ध्यान क्यों नही दिया या सरकार करना ही नही चाहती?

एसजी न्यूज को प्राप्त एक शासकीय पत्र से कुछ ऐसा ही प्रतीत होता है। पिछले विधानसभा चुनाव के ठीक पहले अनियमित (संविदा) कर्मचारियों का नितमित करने की मांग को लेकर हड़ताल में जाने की सुगबुगाहट तेज हो गयी थी, इसके बाद आनन फानन में वित्त विभाग ने एक पत्र जारी कर नाराजगी जताते हुए 80 प्रतिशत जरूरी पदों, जो तीन वर्ष से ज्यादा समय से है और आगे जरूरत रहेगी, को नियामिय करने हेतु दिनांक 19 जून 2013 को शासन के समस्त विभागों को पत्र लिखा था जिसमे यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2013 तक पूर्ण कर वित्त विभाग को भेजना था। दिनांक का ध्यान दीजिये ठीक चुनाव तक तिथि निर्धारित थी।

अपर मुख्य सचिव वित्त एवं योजना द्वारा लिखे गए पत्र में ध्यान दीजिए, “ऐसे अस्थाई पद जो तीन वर्ष से अधिक अवधि से निरंतर चले आ रहे हैं एवं जिन्हें दीर्घकालीन तक जारी रखना आवश्यक है, के विषय में 80 प्रतिशत तक पदों को वित्त विभाग की सहमति से स्थाई घोषित करने के अधिकार प्रशासकीय विभाग को प्राप्त हैं।” लेकिन विभाग द्वारा कार्यवाही नही करने के कारण नास्तियाँ बढ़ी है अगर इन्हें स्थाई कर दिया जाए तो इस समस्या से बचा जा सकता है।

आगे लिखा है “अतः निर्देशित किया जाता है कि 1 अक्टूबर 2013 तक प्रशासकीय विभाग उपरोक्तानुसार आयोजनेत्तर मद के अस्थायी पदों के स्थायीकारण के औचित्यपूर्ण प्रस्ताव अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें”

इसका मतलब यह कार्य अनिवार्य था किंतु 5 वर्षों से किसी ने इस पत्र पर कोई संज्ञान नही लिया। अनियमित कर्मचारियों का आरोप है यह गुमराह करने का चुनावी फार्मूला था और अनियमित कर्मचारी गुमराह हुआ।

चुनाव नजदीक आते ही अनियमित कर्मचारियों के धरने प्रदर्शन के बाद फिर से पत्रों का लिखा पढ़ी सुरु हुआ है, कर्मचारी संघ के पत्र पर चर्चा करने हेतु मुख्यमंत्री कार्यालय से आदेश जारी हुआ है, अब ये कहा तक जाता है ये तो देखना होगा इस बार इन कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा या चुनाव तक इसी प्रकार पत्रों के आदान प्रदान में समय निकाल दिया जाएगा।

नोट:- छत्तीसगढ़ के रिक्त जिलों में संवाददाता बनने या समाचार भेजने के लिए संपर्क करें 9806892330

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