बड़ी खबर

इतिहास में पहली बार अप्रैल में शून्य रही कर कंपनियों की विक्री, लॉकडाउन जारी रहा तो मई में भी रहेगी यही स्थिति, 4 करोड़ रोजगार देने वाली इंडस्ट्री खतरे में…

नई दिल्ली, 01 मई 2020. कोरोना महामारी के कारण हुए देशव्यापी लॉकडाउन ने लगभग सभी व्यवसायों की कमर तोड़ दी है। ऐसा कोई भी व्यवसाय नहीं है जो इससे अछूता हो. लेकिन अगर बात करे ऑटो सेक्टर की तो इसके हालत सबसे ज्यादा खराब है।

इंडियन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में किसी भी कंपनी की एक कार भी नहीं बिकी। इतिहास में ये पहला ऐसा मौका है जब कार की बिक्री का आंकड़ा शून्य रहा।। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड से लेकर लग्जरी कार बेचने वाली मर्सिडीज, स्कोडा तक सभी का ऐसा ही हाल रहा।

आने वाले दिनों में भी उम्मीद नहीं
ऐसा नहीं है कि यह खतरा टल गया है. अगले महीने भी बिक्री में सुधार की उम्मीद नहीं है। इस वजह से ऑटो सेक्टर को लंबे समय तक संकट का सामना करना पड़ सकता है। मई में भी इसी तरह के हालात रहने की उम्मीद है। और यह पूरी तरह से कोरोनावायरस पर ही निर्भर करता है। सबसे बड़ी बात यह है की उपभोक्ता के लिए भी लग्जरी सामन खरीदना ऐसे हालत में बड़ा मुश्किल होगा। इसलिए डिमांड जांदी बाजार में इस सेक्टर के लिए होगी यह कहना मुश्किल है.

4 करोड़ लोगों को रोजगार देती है ऑटो इंडस्ट्री, रोजगार है खतरे में
बता दें कि देश की ऑटो इंडस्ट्री प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से 4 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देती है। वहीं, ये देश की जीडीपी में 8% और सरकार के टैक्स कलेक्शन में 15% का योगदान देती है। सरकार ने जहा कंपनियों को अनुमति दे दी है वहा भी मैन्युफैक्चरिंग शुरू नहीं हो रही है. कम्पनिया डिमांड और बाजार का आंकलन कर रही हैं. ऐसे में बड़ी संख्या में बेरोजगारी का साया मडरा रहा है.

Spread the love

Comment here