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सुनिए ऑडियो: सरकारी पैसा कैसे खाया जाता है?? आप नहीं जानते?? तो जानिए सराईपाली BMO अमृत रोहलडर से जो अपने कर्मचारियों को सरकारी पैसा खाने की ट्रैनिग देते हैं!

रायपुर, 01 अगस्त 2020. वैसे तो सरकारी महकमे में भ्रष्टाचार होता है. यह सभी को पता है सरकारें भी कहती है मेरे आने से भ्रष्टाचार काम हुआ है इसका मतलब होता तो है. लेकिन सोचिये जब अधिकारी खुद बोले की पैसा कैसे खाया जाता है वो हम बताते है तुमको। किसको कैसे अन्य विभाग में बटवारा होता है. बाकायदा उदाहरण देकर समझाता हो. मतलब एक सक्षम अधिकारी भ्रष्टाचार की बाकायदा अपने नीचे के कर्मचारियों को ट्रेनिंग देता हो? तो फिर क्या कहना कैसे चलता होगा विभाग।?

सोशल मीडिया में एक कथित ऑडियो वाइरल हो रहा है जिसमे एक ब्लॉक मेडिकल अफसर (BMO) ने कथित ऑडिओ में अपने मातहत को भ्रष्टाचार करने के न तरीके केवल तरीका बता रहे हैं बल्कि बातचीत में यह भी कह रहे हैं कि मैंने यह सिखाया है तुम सभी को कि सरकारी पैसे कैसे खाये जाते है. BMO साहब यही नहीं रुके उन्होंने यह भी कहा कि अन्य विभाग में कैसे पैसा खाते है जैसे पटवारी पैसा लेता है तो किन-किनको बटता है. उन्होंने पूरे भ्रष्टाचार के सिस्टम को बाकायदा उदाहरण के साथ समझाया भी है. पता करने पर यह मालूम हुआ की यह बात बातचीत महासमुंद जिले के सराईपाली ब्लॉक मेडिकल ऑफिस डॉ अमृत रोहलडर और ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता शिव प्रधान के बीच का है. जिसमे डॉ अमृत कैसे सरकारी पैसा को कैसे खाना है इसकी फ़ोन पर ट्रेनिंग दे रहे हैं यह भी कह रहे हैं कि कैसे बिल 1 का पांच बनाते है और सभी को भाग देना पड़ता है. बातचीत में यह भी दावा कर रहे हैं कि ऐसी ट्रेनिंग पहले दे चुके हैं.

डॉ अमृत रोहालडर और ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता शिव प्रधान की बातचीत

डॉ अमृत रोहालडर और मेरी बातचीत ही है रिकॉर्ड में: ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता शिव प्रधान

एसजी न्यूज़ ने ऑडियो की सत्यता जाने के लिए डॉ अमृत रोहलडर और ग्रामीण स्वास्थ्यकार्यकर्ता शिव प्रधान को ऑडियो भेजकर और फ़ोन लगाकर ऑडियो की सत्यता जाननी चाही। जिसमे शिव प्रधान ने यह स्वीकार किया कि यह बातचीत मेरी और डॉ अमृत के बीच की ही है हालाँकि कुछ समय पहले की है. जबकि डॉ अमृत ने ऑडियो देखने और सुनने के बाद इस पर अपनी कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की है. यह जाँच का विषय है की सत्यता क्या है. आखिर डॉ अमृत अपना पक्ष क्यों नहीं रख रहे हैं? हालाँकि एसजी न्यूज़ आडियो की सत्यता को प्रमाणित नहीं करता है.

सरकार की जेब काटेंगे सब में बाटेंगे

एक कहावत चरितार्थ होती है “कद्दू कटेगा सब में बटेगा”. कथित ऑडियो में डॉक्टर यह स्वीकार कर रहे हैं कि भ्रष्टाचार अकेले नहीं होता है सभी को देना पड़ता है. यानि कटेगा तो सब में बटेगा नहीं तो शिकायत होइ जाती है.

डॉ अमृत के खिलाफ फर्जी जाती समेत कई शिकायत है
डॉ अमृत के खिलाफ फर्जी जाती प्रमाण लगाने समेत कई गंभीर शिकायते है जिसकी प्रतिया एसजी न्यूज़ के पास उपलब्ध हैं. डॉ. अमृत ने अनुसूचित जनजाति “उरांव” का प्रमाण पत्र लगाया है जिसे उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने 25/01/2020 को निरस्त कर दिया है. जिस सम्बन्ध में कलेक्टर कार्यालय महासमुंद से सहायक आयुक्त (आदिवासी विकास) ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महासमुंद को दिनांक 30/06/2020 को कार्यवाही हेतु पत्र लिखा गया है. (पत्र की प्रति एसजी न्यूज़ उपलब्ध है). हालाँकि कहा जा रहा है मंत्रालय के एक सचिव के दवाब में जाती सम्बन्धी कार्यवाही नहीं की जा रही है जबकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जाती सम्बन्धी प्रकरणों का निपटारा करने पहले ही निर्देश दे चुके हैं.

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