May 7, 2021

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New Income Tax Rate: मोदी सरकार की गजब की जादूगरी, निर्मला सीतारमण ने बताया 78000 का फायदा, पर असल में है 46800 का नुकसान! आप टैक्स दाता है तो जरूर पढ़ें

वित्तमंत्री ने बजट पेश करते हुए सदन में कहा कि करदाताओं को विकल्प दिया जाएगा कि वह चाहे तो छूट और कटौती के साथ पुरानी कर व्यवस्था में रहें

या फिर बिना छूट वाले नए कर ढांचे को अपनाएं।

नई दिल्ली | 2 फरवरी, 2020, मोदी सरकार की वित्त मंत्री ने ऐसा वजट पेश किया कि राहत की जगह विशेषज्ञ नुक्सान देख रहे हैं. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने दूसरे बजट में एक वैकल्पिक व्यक्तिगत आयकर व्यवस्था का प्रस्ताव किया है। इसमें करदाताओं को पुरानी व्यवस्था या नई व्यवस्था में से चुनने का विकल्प होगा। यानी यह बदलाव शर्तों के साथ है।

आयकर की नई व्यवस्था के लिए आपको निवेश पर मिलने वाले छूट का लाभ छोड़ना होगा। अगर आप निवेश में छूट लेते हैं, तो टैक्स की पुरानी दर ही मान्य होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि यह निर्णय व्यक्तिगत करदाताओं को राहत देने और आयकर नियम को सरल बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। हालांकि इसमें एक पेंच है। यदि करदाता नई व्यवस्था को अपनाना चाहते हैं तो उन्हें छूट को छोड़ना होगा। छूट सीमा एक वर्ष में ढाई लाख तक है, लेकिन छूट की सीमा को प्रति वर्ष 2.5 लाख रुपए पर बरकरार रखा गया है, लेकिन स्लैब फिर से बनाए गए हैं। जिनकी वार्षिक आय 5 लाख रुपए तक है, उन्हें कोई आयकर नहीं देना है, क्योंकि वे सेक्शन 87ए के तहत 12500 रुपए की कर छूट पाते रहेंगे। वार्षिक आय 15 लाख रुपए वाले वर्तमान कर ढांचे में 27300 की छूट पाएंगे, यानि 78000 रुपए की बचत है। हालांकि वर्तमान ढांचे में सेक्शन 16, 80 सी और 24 के तहत छूट के दावे में कर 148200 रुपए है। इस स्थिति में 46800 रुपए का नुकसान है।

आयकर छूट के 70 प्रावधान खत्म, 3 स्लैब बढ़ाए,
डिटेल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार आने वाले समय में आयकर में दी जाने वाली सभी तरह की रियायतें समाप्त कर सकती है। वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए कहा कि नई कर व्यवस्था वैकल्पिक होगी। करदाताओं को विकल्प दिया जाएगा कि वह चाहे तो छूट और कटौती के साथ पुरानी कर व्यवस्था में रहें या फिर बिना छूट वाले नए कर ढांचे को अपनाएं। इसके तहत 2.5 लाख रुपए तक की आय कर मुक्त रहेगी। 2.5 से पांच लाख तक की आय पर पांच प्रतिशत की दर से कर लगेगा, लेकिन 12,500 रुपए की राहत बने रहने से इस सीमा तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा।

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