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पीएम मोदी के मन की बात नहीं पसंद आयी देश की जनता को…. 10 लाख से ज्यादा लोगों ने किया डिसलाइक्स….. देश लच्छेदार भाषण से नहीं चलता-विन्धेश्वर शरण सिंह देव

दिल्ली, 02 अगस्त, 2020. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिन मन की बात रेडियो कार्यक्रम के जरिए देश की जनता को संबोधित किया. मन की बात कार्यक्रम से जुड़ा यह वीडियो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के यू-ट्यूब चैनल पर रिलीज हुआ है, जिसे अब तक 5.4 मिलियन यानि 50 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है.

हैरान करने वाली बात तो यह है कि मन की बात कार्यक्रम को जहां अब तक 2.93 लाख लाइक्स मिले हैं तो वहीं इसे करीब 1 मिलियन (10 लाख) से ज्यादा डिसलाइक्स भी मिले हैं. इतना ही नहीं, सोशल मीडिया यूजर ने पीएम नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम पर कमेंट्स के जरिए आक्रोश भी जताया जा रहा है.

हम नीट और जेईई की परीक्षा पर बात करना चाहते थे, लेकिन आप खिलौनों के बारे में बात कर रहे हैं
‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) कार्यक्रम पर कई सोशल मीडिया यूजर ने जहां नीट और जेईई परीक्षा को लेकर बात रखी तो वहीं कई यूजर ने रोजगार से जुड़े मुद्दे कमेंट सेक्शन में उठाए. एक सोशल मीडिया यूजर ने मन की बात कार्यक्रम पर कमेंट करते हुए लिखा, “हम नीट और जेईई की परीक्षा पर बात करना चाहते थे, लेकिन आप खिलौनों के बारे में बात कर रहे हैं…” वहीं, एक यूजर ने इसपर कमेंट करते हुए लिखा, “आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी, आपको बेरोजगारी के खिलाफ कड़े कदम उठाने चाहिए थे. आखिर में यही भारत की सबसे बड़ी समस्या है…”

देश में घटती जीडीपी और बढ़ती बेरोजगारी से है लोगों में आक्रोश?
पूरे विश्व में सबसे ज्यादा जीडीपी भारत की घाटी है यह कोरोना काल के पहले से लगातार घाट रही थी लेकिन कोरोना के बाद रसातल में चली गयी वर्तमान में 29 प्रतिशत जीडीपी निगेटिव है जो पूरे विश्व में सबसे ख़राब स्थिति में है. आय आकड़ा अभी बढ़ सकता है. लगातार रोजगार ख़त्म हो रहे हैं लोगों में शायद अब यही गुस्सा फुट रहा है.

विन्धेश्वर शरण सिंह देव

देश सिर्फ लच्छेदार भाषण से नहीं चलता है.
कांग्रेस नेता विन्धेश्वर शरण सिंह देव ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी सिर्फ लच्छेदार भाषण देते हैं. गरीब का पेट भाषण से नहीं भरता. 2014 से केंद्र सरकार सिर्फ भाषण दे रही है, वित्तीय मामलों से लेकर रोजगार देने तक सभी मामलों में लगातार असफल रही है. राहुल गाँधी जी ने पहले ही सरकार को चेताया था कि देश में आर्थिक सुनामी आएगी सरकार को इसके लिए कदम उठाना चाहिए लेकिन सरकर ने सुना नहीं और वह सच हुआ आज देश में आर्थिक सुनामी आ चुकी है. प्रधानमंत्री जी सिर्फ अपने मन की बात करते हैं जनता के मन की सुनते नहीं है. अब जनता का आक्रोश फुट रहा है यही वजह है जनता प्रधानमंत्री के भाषण को नकार रही है.

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