छत्तीसगढ़

रामकृष्ण केयर हास्पीटल पर गरीब मरीज से दबावपूर्वक रकम वसूलने का आरोप, लगातार शिकायतों से सरकार ने सख़्त रुख अपनाया, नगर निगम ने भी अवैध निर्माण को लेकर दिया नोटिस, जल्द होगी एक और नोटिस जारी!

रायपुर, 12 मई 2020। प्रदेश के एक बड़े निजी अस्पताल रामकृष्ण केयर के प्रबंधन ने मरीज को सरकारी योजना का लाभ देने से न सिर्फ मना कर दिया, बल्कि राशि अदा नहीं करने पर मरीज को छुट्टी देने से इंकार कर दिया है। अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ इस तरह की शिकायतें पहले भी आई है। इस पर सरकार ने इस बार सख्त रूख अपनाया है और अस्पताल प्रबंधन से जवाब तलब किया है।

सरकार ने आयुष्मान भारत योजना को डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में समाहित किया है। इस योजना के जरिए मरीजों को गंभीर बीमारियों के लिए 20 लाख रुपए तक की उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। योजना में हर वर्ग के लोगों को शामिल किया गया है। प्रदेश के ज्यादातर अस्पतालों ने भी इस योजना के जरिए उपचार के लिए सहमति दी है। मगर प्रदेश के बड़े अस्पताल के रुप मे चर्चित रामकृष्ण केयर के प्रबंधन ने मरीज को योजना का लाभ देने से मना तो किया ही , बल्कि दबावपूर्वक राशि भी वसूल लिए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बलरामपुर जिले के रामानुजगंज रहवासी अरविन्द कुमार पाण्डेय को कुछ दिन पहले रामकृष्ण केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अरविन्द कुमार बीपीएल कार्डधारी है और उनके परिजनों ने गरीबी रेखा का कार्ड और अन्य सभी दस्तावेज भी अस्पताल प्रबंधन को उपलब्ध कराया। इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने  मरीज को खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना का लाभ देने से मना कर दिया गया । साथ ही मरीज से 1 लाख 5 हजार रूपए दबावपूर्वक वसूल लिए। यही नहीं, उपचार कर रहे चिकित्सक ने मरीज को डिस्चार्ज कराने की सलाह दी। किन्तु बिलिंग सेक्शन द्वारा बकाया राशि 1 लाख 70 हजार रूपए भुगतान नहीं करने के कारण मरीज को अस्पताल प्रबंधन द्वारा छुट्टी नहीं करने की शिकायत की गई है। शिकायत के बाद स्वास्थ्य संचानालय हरकत में आया और अस्पताल प्रबंधन को तत्काल नोटिस जारी कर दिया है।

नोटिस में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि पहले भी योजना से संबंधित मरीजों से अस्पताल प्रबंधन द्वारा दबावपूर्वक नगद राशि वसूल की गई है।

योजना का लाभ नहीं दिए जाने की मौखिक शिकायते भी प्राप्त हुई है। रायगढ़ जिले के बरमकेला के गांव देवगांव रहवासी शिवम साव को भी योजना का लाभ नहीं दिया गया। जबकि वह बीपीएल कार्डधारी था। राज्य नोडल एजेन्सी, स्वास्थ्य संचानालय ने रामकृष्ण अस्पताल प्रबंधन से मरीज अनिल पाण्डे के इलाज से जुड़ी प्रक्रिया और भुगतान आदि की तमाम जानकारी सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। पत्र मे यह साफ लिखा गया है की अस्पताल प्रबंधन के द्वारा लगातार उक्त हरकत की जा रही है जिसकी कई बार मौखिक तथा लिखित शिकायतें प्राप्त हो रही है। इस शिकायत के बाद प्रशासन ने सख्त रुक अपनाते हुये जबाब तलब किया है, जबाब सन्तोषजनक न मिलने पर स्वास्थ्य विभाग रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के खिलाप बड़ी कार्यवाही कर सकता है।

अस्पताल में अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम ने भी दिया नोटिस
रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में मरीजों से अवैध वसूली का आरोप लगा है बल्कि में अनुमति से अधिक भवन निर्माण का भी आरोप है जिसको लेकर नगर निगम रायपुर के जोन कमिश्नर ने अस्पताल को आज नोटिस दिया है. एक सप्ताह में रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल को यह दूसरा नोटिस जारी हुआ है.

और भी नोटिस जल्द होंगे जारी!
निगम के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्पताल प्रबंधन के ऊपर कई आरोप है जिसको लेकर जल्द अन्य नोटिस जारी हो सकता है. हॉस्पिटल के कचरा प्रबंधन, पार्किंग समेत कई अनियमिताओ कि शिकायते निगम के पास हैं. हालाँकि शिकायते कितनी सही है ये जाँच का विषय है.

स्वास्थ्य विभाग भी लगातार अन्य शिकायतों और अनियमितताओं का अध्यन कर रहा है जिससे अनुमान लगाया जा रहा है शासन की ओर से से अभी कई नोटिस जारी हो सकते है. सिर्फ नोटिस ही नहीं अगर अस्पताल प्रबंधन की ओर से संतुष्ट पूर्ण जवाब नही मिलता तो जल्द बड़ी कार्यवाही हो सकती है.

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