मध्य प्रदेश

थाने जाने की जरुरत नहीं, पुलिस घर पर आकर दर्ज करेगी एफआईआर- प्रदेश के गृहमंत्री ने लिया निर्णय।

भोपाल, 06 मई 2020. मध्य प्रदेश के नागरिकों को गंभीर अपराधों को छोड़कर अन्य मामलों में एफआईआर कराने के लिए थाने नहीं जाना होगा। बल्कि अपराध की सूचना डायल 100 पर देनी होगी। इसके बाद एफआरवी (फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल) लोगों के घर जाकर एफआईआर दर्ज करेगी। यह निर्णय प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने लिया।

उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग सुधारात्मक प्रक्रिया के तहत वन स्टेप अप कार्य करेगा। नागरिकों की सुरक्षा में बेहतरी के लिए हर कदम उठाए जाएंगे। इसी तरह बैठक में निर्णय लिया गया कि उच्चतम वेतनमान पर कार्यरत पुलिसकर्मियों को पदनाम दिया जाएगा। इस पर गृह मंत्री मिश्रा ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है।

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस बारे में पुलिस मुख्यालय से गृह विभाग को प्रस्ताव देने के निर्देश भी दिए हैं। बच्चों के एडमिशन में मदद कराएगी हेल्प डेस्क गृह मंत्री मिश्रा ने अपना कर्तव्य निभाने के दौरान शहीद हुए पुलिस कर्मियों के परिवारों की सहायता करने के लिए हेल्प डेस्क शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसका प्रभारी एडीजी या आईजी स्तर का अधिकारी रहेगा। इस डेस्क की जिम्मेदारी होगी कि पुलिसकर्मियों के बच्चों को एडमिशन लेने समेत परिवारवालों की हर संभव मदद करेंगे।

पुलिसकर्मियों की क्रमोन्नति, पदोन्नति पर निर्णय लिए जाने की कार्रवाई तेजी से की जाए। मिश्रा ने कहा की उन सभी पुलिसकर्मियों को कर्मवीर पदक से सम्मानित किया जाएगा। जिन्होंने कोरोना के खिलाफ जंग में तीस दिनों तक अपनी सेवाएं दी हैं। डीजीपी जौहरी ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न कंटेनमेंट जोन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 86 पुलिसकर्मी और 5 होमगार्ड जवान कोरोना से संक्रमित होने के कारण अपना इलाज करवा रहे हैं।

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