April 16, 2021

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सरकारी अनुमति के बिना कोई खबर किसी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक अथवा सोशल मीडिया में कोविड-19 के संबंध नहीं कर सकता प्रसारित…… मध्यप्रदेश में इमरजेंसी के हालत???? आलोचना होने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने दी ऐसी सफाई….

योगेश पेंदाम (राज्य ब्यूरो) 10 अप्रैल 2020. भोपाल राज्य शासन ने मध्यप्रदेश एपिडेमिक डिसीजेस (कोविड-19) विनियम-2020 के अंतर्गत कोविड-19 के संबंध में स्वास्थ्य विभाग अथवा जिला दण्डाधिकारी की स्वीकृति के बिना किसी जानकारी के प्रचार-प्रसार को दण्डनीय अपराध घोषित किया है। सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राजीव चन्द्र दुबे ने आज इस आशय का आदेश जारी किये हैं।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति/संस्था/संगठन को कोविड-19 के संबंध में तथ्यों की जाँच और यथा-स्थिति की जानकारी के प्रचार-प्रसार के लिये प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण/आयुक्त, स्वास्थ्य सेवाएँ/आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा/संचालक, स्वास्थ्य सेवाएँ/संचालक चिकित्सा शिक्षा अथवा जिला दण्डाधिकारी की पूर्व स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। पूर्व स्वीकृति के बिना किसी प्रिंट अथवा इलेक्ट्रॉनिक अथवा सामाजिक माध्यम (सोशल मीडिया) द्वारा ऐसी जानकारी का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। यदि कोई व्यक्ति/संस्था/संगठन बिना पूर्व स्वीकृति के ऐसी गतिविधि में लिप्त पाया जायेगा, तो उसे विनियमों के अधीन दण्डनीय अपराध कायम कर उसके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी।

इस आदेश के बाद शिवराज सरकार की देश प्रदेश में जमकर आलोचना सुरु हो गई. क्या है मीडिया के ऊपर प्रदेश में इमरजेंसी लागू गयी? या सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए यह आदेश निकाला है? इसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ट्वीट कर सफाई दी है कि

“कृपया इस आदेश को ठीक से पढ़ें। यह स्पष्ट रूप से बताता है कि कोई भी व्यक्ति, कंपनी, या संगठन बिना किसी पूर्वानुमति के #COVID-19 के किसी भी तरह का प्रचार या जानकारी साझा नहीं करेगा।”

“यह मीडिया या किसी भी समाचार रिपोर्टिंग पर कोई गलत ऑर्डर नहीं है।”

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