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विश्व स्तनपान सप्ताह आज से….. मां का दूध बच्चे के लिए संपूर्ण पोषण

बैकुंठपुर ,(कोरिया) जुलाई 31,कोरोना वायरस के बीच माता-पिता दोनों को ही इस बात की जानकारी दी जाएगी कि शिशुओं के लिए स्तनपान कितना जरूरी है। विश्व स्तनपान सप्ताह 2020 प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी 1 से 7 अगस्त 2020 के बीच मनाया जाएगा । इस वर्ष का स्तनपान सप्ताह का थीम “सपोर्ट ब्रेस्टफीडिंग फॉर ए हेल्थीअर प्लानेट” है जो इस बात पर जोर देती है कि स्वस्थ विश्व के लिए स्तनपान का समर्थन करना बहुत जरूरी है ।

विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान एएनएम, और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर माताओं को बच्चों के लिए स्तनपान कराए जाने के बारे में पूरी जानकारी देंगी। साथ ही इससे होने वाले लाभ के बारे में भी उन्हें बताया जाएगा।

सीएमएचओ डां रामेश्वर शर्मा ने बताया, “मां का दूध बच्चे के लिए पहला टीका है ,विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान स्तनपान के प्रति जागरूकता अभियान के लिए विभाग की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है।,यह अभियान आईसीडीएस एकीकृत बाल विकास योजना के साथ मिलकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से बनाई जा रही टीम के माध्यम से चलाया जाएगा।“

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास मनोज खलखो ने बताया,” प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी अगस्त माह का प्रथम सप्ताह विश्व स्तनपान सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है। कोविड-19 के दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए आगनवाडी कार्यकर्ताओ को निर्देश दिये गये है कि जागरूकता के साथ विश्व स्तनपान सप्ताह को मनाये जाने के लिए धा़त्री महिलाओ को संदेश प्रसारित करें।“
क्यो जरूरी है स्तनपान

मां का दूध शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए महत्त्वपूर्ण है।यह शिशु को डायरिया, निमोनिया और कुपोषण से बचाने और स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। स्तनपान स्तन कैंसर से होने वाली मृत्यु को भी कम करता है । स्तनपान की महत्वता तथा शिशु एवं बाल मृत्यु दर में कमी के लिए उनके प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यक है कि जन्म के 1 घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान प्रारंभ कराया जाए और 6 माह तक केवल स्तनपान कराया जाए । स्तनपान कराने में माताओं का सहयोग एवं स्तनपान को बढ़ावा दिया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण गतिविधि में से एक है ।

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 4 के अनुसार प्रदेश में में 1 घंटे के अंदर स्तनपान की दर मात्र 47.1% है ,चिकित्सक, स्वास्थयकर्मी और समुदाय स्तर पर स्तनपान के व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किये जा रहे है ।

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