May 10, 2021

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छात्रों के भविष्य से खिलवाड़, विवादित प्रोफेसर की लापरवाही उजागर फिर 26 परीक्षार्थी बीएड की परीक्षा से हुए वंचित

बालोद।डिलेश्वर देवांगन। बालोद जिले के अग्रिम महाविद्यालय में व्यापम द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षा में लगातार विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है। लेकिन कॉलेज के प्राचार्य की ओर से किसी प्रकार की ठोस कार्यवाही न करना समझ से परे है। लगातार विवादित रहने वाले प्रोफेसर की गुरूवार को नई करतूत सामने आई है। बालोद जिले के अग्रिम महाविद्यालय में वहीं के प्रोफेसर श्री गवेल की मनमानी व प्राचार्य की लापरवाही के कारण बीएड की परीक्षा में 25 ़.से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित रह गये और उनका पूरा एक साल बर्बाद हो गया। किसी भी परीक्षा में मुख्य दायित्व होता है केन्द्राध्यक्ष का। लगातार व्यापम द्वारा आयोजित होने वाले परीक्षा में बालोद कॉलेज के प्राचार्य टी.आर.डेहरे द्वारा उसी केन्द्राध्यक्ष की नियुक्ति की जाती है जिसके कारण पहले कई परीक्षार्थियों को परीक्षा से वंचित रहना पड़ा। वहीं शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नाकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य टी.आर.डेहरे भी इस मामले को बिना समझे परीक्षार्थी पर ही आरोप मढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। बता दें कि इसी कॉलेज के प्रोफेसर श्री गवेल के कारण पीपीटी की परीक्षा में  60 से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा दिलाने से वंचित रह गये।

पल्ला झाड़ने में लगे प्राचार्य

पूरे मामले में समय दर्शन से कॉलेज प्राचार्य श्री डेहरे से फोन के माध्यम से संपर्क किया तो वह नियम कायदे बताने के साथ ही पल्ला झाड़ने लगे। समय दर्शन से सवाल किया कि इस प्रकार के मामले उसी प्रोफेसर के खिलाफ लगातार आ रहे हैं और पहले भी एक परीक्षार्थी को ओरिजनल परिचय पत्र लाने पर परीक्षा से वंचित कर दिया गया तो आपकी ओर से उनके खिलाफ कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई। तो उन्होंने कहा कि मामले की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है जांच जारी है। बता दें कि पहले भी इसी प्रोफेसर द्वारा एक परीक्षार्थी को जबरदस्ती डुब्लिकेट पहचान पत्र बताकर परीक्षा केन्द्र से निकाल दिया गया था। जिसकी शिकायत बालोद कलेक्टर से की गई थी और अभी जांच की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हुई और इसी प्रोफेसर को कॉलेज प्राचार्य द्वारा पुनः इसी पद पर नियुक्ति करने से आज भी 26 परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित रह गये।

हाईकोर्ट तक पहुंचेगी आवाज

जिन परीक्षार्थियों को बिना किसी कारण से परीक्षा से वंचित किया गया उन्होंने पहले तो अपर कलेक्टर श्री धृतलहरे के पास अपनी पीड़ा बताई अब उनका कहना है कि इस बात को लेकर हाईकोर्ट तक अपनी बात रखेंगे। वहीं एनएसयूआई के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी इस मामले में परीक्षार्थियों के साथ प्रोफेसर द्वारा किये जा रहे भेदभाव पर परीक्षार्थियों का समर्थन करने की बात कर रहे हैं। इस दौरान एनएसयूआई जिला संयोजक कुलदीप यादव, विधानसभा अध्यक्ष शुभम मिश्रा, देवेन्द्र साहू, नरेन्द्र देशलहरा, गोल्डी सहित अन्य एनएसयूआई के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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“वहां पर जाकर देखा और माहौद को समझा कि जिस तरह की बच्चों को परेशानी थी वास्तव में केन्द्राध्यक्ष कहीं ज्यादा शख्त हो गये थे। शिकायत के आधार पर उस प्रोफेसर को केन्द्राध्यक्ष के पद से हटा दिया गया है। आगे आयोजित होने वाले किसी भी परीक्षा में वह इस पद पर नहीं रहेंगे।”

ए.के.धृतलहरे, अपर कलेक्टर बालोद

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“बालोद महाविद्यालय में लगातार छात्र-छात्राओं को आधार कार्ड को डुब्लिकेट बताकर परीक्षा से वंचित करने का एक सिलसिला चल रहा है, फिर भी प्रशासन मौन है। आगे प्रशासन इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं करती है तो पीड़ित छात्र छात्राएं हाईकोर्ट जाने के लिए तैयार है जिसका हर संभव मदद एनएसयूआई करेगी। अगर प्रशासन को इस संबंध में थोड़ी सी चिंता है तो प्राचार्य व प्रोफेसर के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए।”

जितेन्द्र पाण्डेय, जिलाध्यक्ष एनएसयूआई बालोद

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