May 10, 2021

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पीलिया का कहर: रायपुर में 223 सेम्पल में से 104 पीलिया प्रभावित मिले।

(सुयश ग्राम) रायपुर तथा बिलासपुर नगर निगमों में प्रदूषित पानी पिलाएं जाने के संबंध में हार्टकोर्ट ने 3 सदस्यीय न्यायमित्रों की टीम गठित की थी जिनमें ऐडवोकेट मनोज परांजपेय, ऐडवोकेट अमृतोदास, एडवोकेट सौरभ डांगी शामिल है। टीम ने आज मोवा के नहरपारा का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान कोर्ट कमिश्नर मृतक प्रेम यादव के घर भी गये। प्रेम यादव की पत्नी द्वारा बताया गया कि पीलिया खून जांच की रिपोर्ट सेम्पल देने के चार दिनों बाद दी गई और प्रेम यादव शराब नहीं पीते थे, उनकी मृत्यु बालाजी अस्पताल में हुई।

कोर्ट कमिश्नर द्वारा मोवा क्षेत्र में लगाये गये स्वास्थ्य शिविर में भी गये जहां बताया गया कि आज तक लिये गये कुल 223 सेम्पल लिये गये जिनमें से 104 में पीलिया पाया गया। केम्प में बताया कि प्रेम यादव की रिपोर्ट खून सेम्पल लेने के 24 घण्टे में दे दी गई थी। प्रेम यादव की जांच में “बिलीरूबिन टोटल” की मात्रा 19.3 तथा “बिलीरूबिन डायरेक्ट” की मात्रा 14.9 पाई गई थी। कोर्ट कमिश्नर द्वारा रायपुर नगर निगम के जल आपूर्ति विभाग के अधिकारी से संपर्क करने पर रायपुर से बाहर होने के कारण उन्होनें उपलब्ध होने में असमर्थता बताई।

टीम ने रायपुर मेडिकल कालेज हास्पिटल से भी पीलिया से संबंधित आकड़े लिये। अप्रैल 2018 में मेकाहारा में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से आए 31 मरीज पीलिया-हैपिटाईटिस के भर्ती हुए जिनमें से 2 की मृत्यु हो गई। मृतकों में जगदीश शर्मा मनेन्द्रगढ़ (मृत्यु 14 अपै्रल) तथा अल्का 28 वर्ष पति धनंजय लोधीपारा शामिल है जिसकी मृत्यु 9 अप्रैल को हुई। रेखा त्रिपाठी का 13 अप्रैल को स्थांतरित होना बताया गया।

कोर्ट कमिश्नरों की राय में पीलिया प्रभावित क्षेत्रों के उन सभी नागरिकों को जिन्हें पीलिया के प्रांरभिक लक्षण दिखाई दे रहें है को शीघ्रताशीघ्र खून जाचं करवानी चाहिये तथा झाड़-फूंक छोड़कर डाक्टर की सलाह का पूर्ण पालन करना चाहिये। कोर्ट कमिश्नर के आग्रह पर सहयोग करने के लिये शंकर नगर निवासी सामजिक कार्यकर्ता और पार्यावरण प्रेमी नितिन सिंघवी भी टीम के साथ मौजूद थे।

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